जौनपुर। रविवार की सुबह मौसम ने करवट बदला तो पौने 11 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। जो तकरीबन बीस मिनट तक होती रहीं। दिन में वैसे तो बादल छाएं रहे। सूर्य भगवान के दर्शन भी बीच - बीच में होता रहा। कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो बारिश सरसों, आलू, अरहर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। वैसे गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है।
वैसे तो शनिवार से ही मौसम में बदलाव होता दिखा। तापमान अधिकतम 26 तो न्यूनतम 13 रहा। रविवार को पौने 11 बजे अचानक मौसम में बदलाव दिखा और पहाड़ों पर हुई बर्फवारी की वजह से सर्द हवा ने मौसम में बदलाव ला दिया। रूक - रूक कर बूंदाबांदी होती रहीं। बीच- बीच में हवा भी चली। जिससे लोगों को एक बार ठंड लौट आने का डर सताने लगा। बारिश से वैसे तो गेहूं की फसलों को लाभ होगा। लेकिन अरहर, सरसों, आलू की फसलों के लिए बारिस नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसे किसानों के माथे पर बारिश की वजह से ठंड के मौसम में भी रविवार को पसीना आ गया। बारिस से कई इलाकों में किचड़ भी हुए। रविवार की छुट्टी होने की वजह से लोगों ने अपने घरों में बारिस का आनंद लिया। जानकारों की मानें तो महाशिवरात्रि से पूर्व पिछले साल भी आनंद की बारिश हुई थीं। इस वर्ष भी ठीक एक दिन पूर्व बारिश का होना लोग महाशिवरात्रि से जोड़कर देख रहे है।