जौनपुर। नगरपालिका परिषद के बोर्ड की बैठक में गुरुवार को सभासदों के हंगामे के कारण 37 करोड़ का डीपीआर पास नहीं हो सका। सभासद पिछली बार हुई बैठक की कार्यवृत्ति रजिस्टर खोने पर हंगामा किया। साथ ही 13 वार्डों में आंशिक रूप से कार्य लिए जाने पर रोष जताते हुए बैठक का बहिष्कार किया, जिससे बैठक स्थगित हो गई।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगरी सड़क सुधार योजना के तहत 37 करोड़ का प्रस्ताव बनाया गया था। इसमें मोहल्लों और गलियों में सड़कों का निर्माण और मरम्मत का कार्य किया जाना था। इसे पास कराने के लिए नगरपालिका परिषद जौनपुर बोर्ड की बैठक गुरुवार को ढाई बजे चेयरमैन माया टंडन की अध्यक्षता में शुरू हुई। बैठक शुरू होते ही सभासदों ने उक्त प्रस्ताव को पिछली बार हुई बैठक के कार्यवृत्ति रजिस्टर पर अंकित करने को कहा। जिस पर उक्त कार्यवृत्ति रजिस्टर को गायब हो जाना बताया गया। जिस पर सभासदों ने हंगामा करते हुए उक्त रजिस्टर को खोजवाकर उपलब्ध कराने को कहा। इसके अलावा, सभी 39 वार्डों में से 13 वार्डों में काम कराने के लिए आंशिक रूप से कार्य लेने और तीन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से अभी कार्य लिए जाने पर सभासदों ने रोष जताया। वहीं, ओलंदगंज की सभासद रेनू पाठक ने बार-बार कहने के बाद भी सामुदायिक शौचालय नहीं बनाए जाने पर नाराजगी जताई। इसके बाद सभी सभासदों ने बोर्ड का बहिष्कार किया। इससे बोर्ड की बैठक स्थगित होने से 37 करोड़ का डीपीआर पास नहीं हो सका। बैठक में ईओ कृष्णचंद्र, कार्यवृत्ति बाबू टीएन सिंह, लेखाकार सतीश पांडेय सहित सभासद सतीश सिंह त्यागी, संतोष मौर्या, साजिद अली, मोहम्मद हसीन, संतोष मौर्य, नमिता सिंह, बिंदु यादव और शिव कुमार मौर्य आदि उपस्थित रहे।