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गोल्डेन कार्ड के लिए भटक रहे 4.27 लाख पात्र

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जौनपुर। आयुष्मान भारत योजना भले ही सरकार की प्राथमिकता में हो लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसके प्रति उदासीन है। चयन के वर्षों बाद भी 85487 परिवारों का अब तक गोल्डेन कार्ड नहीं बन पाया है। कार्ड नहीं बनने कारण उनको मुफ्त चिकित्सा की सुविधा का लाभ भी नहीं मिल पा रहा। इन परिवारों में सदस्यों की संख्या 4.27 लाख है। अब विभाग 15 से 31 दिसंबर तक शिविर लगाकर कार्ड बनाने की तैयारी कर रहा है।
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सामाजिक, आर्थिक जनगणना के आंकड़ों से जिले में 159545 परिवारों का चयन आयुष्मान भारत योजना के तहत किया गया था। योजना शुरू हुए दो साल बीतने को हैं लेकिन अभी इन परिवारों के 797727 सदस्यों में से महज 1.73 लाख लोगों के ही गोल्डेन कार्ड बन पाए हैं। इनमें से 85487 परिवार ऐसे हैं, जिनके किसी भी सदस्य का कार्ड नहीं बना है। बिना कार्ड के योजना के तहत उपचार नहीं हो सकता है भले ही नाम सूची में हो। लिहाजा इलाज के पहले इन परिवारों को गोल्डेन कार्ड के लिए यहां-वहां भटक रहे हैं। कभी वह सीएमओ कार्यालय पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाते हैं तो कभी सीएचसी-पीएचसी पर। लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसके प्रति उदासीन बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आयुष्मान योजना के तहत चयनित परिवारों के सदस्य सीएचसी के साथ सहज जन सेवा केंद्रों पर गोल्डेन कार्ड बनवा सकते हैं जिले में ऐसे 35 केंद्र बनाए गए हैं। इसके बावजूद दो साल में आधे से भी कम परिवारों का कार्ड बनना बताता है कि इस बारे में कितनी उदासीनता है।
ऐसे परिवार जिनमें किसी एक भी व्यक्ति को गोल्डेन कार्ड नहीं मिला है, उन्हें 15 से 31 दिसंबर तक गांवों में कैंप लगाकर कार्ड बनाया जाएगा। 85487 परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर कार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए 180 टीमें लगाई गई हैं। जिन लोगों को कार्ड नहीं मिला है वह कैंप में पहुंच कर कार्ड बनवा लें। -डॉ. राकेश कुमार, सीएमओ जौनपुर।
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