मुंगराबादशाहपुर। मुंगराबादशाहपुर रोडवेज डिपो से जुड़े यात्रियों के लिए राहतभरी खबर है। करीब 38 वर्ष पुराने इस डिपो का अब पूरी तरह कायाकल्प होगा। शासन ने डिपो के पुनर्निर्माण एवं आधुनिकीकरण के लिए 53 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। बरसात समाप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
वर्ष 1988 में निर्मित मुंगराबादशाहपुर रोडवेज डिपो का भवन अब जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। यहां से प्रतिदिन जौनपुर, प्रयागराज, वाराणसी, सुल्तानपुर और लखनऊ के लिए 200 से अधिक बसों का संचालन होता है। इन बसों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 50 हजार यात्री सफर करते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
डिपो में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। शौचालयों की स्थिति बेहद खराब होने के कारण महिलाएं और बच्चे उनका उपयोग करने से कतराते हैं। परिसर में जलभराव के चलते हमेशा कीचड़ बना रहता है। भवन इतना जर्जर हो चुका है कि उसके कभी भी गिरने का खतरा बना रहता है। कर्मचारी भी सुरक्षा कारणों से पुराने कमरों में फाइलें और रजिस्टर रखने से बचते हैं।
पिछले एक दशक से डिपो के पुनर्निर्माण की मांग की जा रही थी। परिवहन निगम ने इसका प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। डिपो के नवीनीकरण पर कुल 53 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार बरसात समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
12,899 वर्गमीटर में बनेगा आधुनिक डिपो
मुंगराबादशाहपुर तहसील क्षेत्र का प्रमुख परिवहन केंद्र होने के कारण इस डिपो का महत्व काफी अधिक है। अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित योजना के तहत 12,899 वर्गमीटर क्षेत्रफल में नया डिपो भवन बनाया जाएगा। इसमें एयर-कूल्ड प्रतीक्षालय, महिलाओं और बच्चों के लिए अलग शौचालय, आरओ वाटर बूथ, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट तथा सीसीटीवी कैमरों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बसों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे जाम की समस्या कम होगी। नए डिपो के निर्माण से बसों के रखरखाव, समयबद्ध संचालन और कर्मचारियों के कार्यस्थल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा, जिसका सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा।
दिव्यांगों के लिए रैंप, हरियाली और रोजगार पर भी जोर
नए डिपो में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए रैंप का निर्माण किया जाएगा। परिसर को हराभरा बनाने के लिए व्यापक स्तर पर पौधारोपण भी होगा। डिपो के आसपास संचालित चाय, नाश्ते और अन्य छोटी दुकानों पर निर्भर सैकड़ों परिवारों की आय बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय मजदूरों और कारीगरों को भी रोजगार मिलेगा। डिपो के आधुनिकीकरण से यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में उन्हें भी लखनऊ और वाराणसी जैसे बड़े रोडवेज डिपो के समान आधुनिक एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मुंगराबादशाहपुर डिपो का कायाकल्प किया जाएगा। इसके लिए शासन की ओर 53 करोड़ की बजट जारी कर दिया गया है। बारिश खत्म होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। डिपो को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, कार्य की प्रक्रिया शुरू करा दिया गया है।
शशि शुक्ला, डिपो इंचार्ज, मुंगराबादशाहपुर