जौनपुर। अल्प संख्यक विभाग के कक्षा नौ व 10 सहित दशोत्तर छात्रवृति प्रतिपूर्ति के तीन हजार 626 आवेदन संदिग्ध पाए गए हैं, जिसकी जांच कमेटी की ओर से किया जा रहा है, जिसे 22 मार्च तक त्रुटियों का संशोधन कर डाटा फिर से शासन को भेजा जाना है, इस दौरन करीब हजारों छात्रों के आवेदन फर्जी पाए जाने की संभावना है, खैर यह तो जांच के बाद ही चल पाएगा की कितने फर्जी पाए गए हैं।
कक्षा नौ व दस सहित दशमोत्तर अल्प संख्यक के छात्रों को छात्रवृत्ति देने के लिए छात्र प्रतिपूर्ति योजना संचालित है, जिसका लाभ लेने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में कुल 10 हजार 392 छात्रों ने आवेदन किया था, लेकिन जब शासन में जांच हुई तो मात्र छह हजार 756 आवेदन फार्म सही पाए गए। वहीं तीन हजार 626 आवेदन फार्म संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद इन आवेदन फार्मो को जांच के लिए फिर से अल्प संख्यक विभाग को भेज दिया गया। आवेदन फार्मो में संशोधन के लिए डीआई ओएस के पास भेजा है, जहां से विद्यालयों व संबंधित छात्रों को आवेदन फार्म संशोधित करने के लिए भेजा गया है, जिससे फार्मो में त्रुटियां दुरूस्त हो सके, इसके बाद उसे शासन को पुन: भेजा जा सके,इसके लिए 22 मार्च तक का समय दिया गया है,जिसकी जांच इसके बाद जो फार्म संशोधित नहीं हो पाएंगे। उन फार्मो से संबंधित छात्रों को छात्रवृत्ति क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं मिल पाएगा।
- कमलेश कुमार मौर्य, जिला अल्प संख्यक अधिकारी ने बताया कि 3626 आवेदन फार्मो में त्रुटियां रहने के कारण शासन संदिग्ध मानते हुए वापस भेज दिया है, जिसकी जांच की जा रही है, आवेदन फार्मो में व्याप्त त्रुटियां को सुधारने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन संभावना है कि एक हजार से अधिक छात्रों के आवेदन फार्म फर्जी पाए जाने की संभावना है।