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माइनर में पानी नहीं आने से किसानों में रोष

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नेवढ़िया/खेतासराय। नेवढ़िया व खेतासराय क्षेत्र के माइनरों में पानी नहीं आने से गेहूं की फसल की दूसरी सिंचाई नहीं हो पा रही है। जिससे गेहूं की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। वहीं किसानों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने रोष जताते हुए शीघ्र माइनर में पानी छोड़ने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। नेवढ़िया क्षेत्र के रामनगर माइनर में पानी नहीं छोड़ा गया है। जिससे माइनरों से धूल उड़ रही है। माइनरों में पानी नहीं रहने से गेंहू की फसल की दूसरी सिंचाई नहीं हो पा रही है। साथ ही फसल सूखने के कगार पर है। इस संबंध में क्षेत्र के सुभाष तिवारी, विमलेश तिवारी, दिनेश तिवारी, रामलाल यादव, श्यामलाल यादव, राजकुमार पटेल आदि किसानों ने बताया कि इस समय गेहूं के फसल की दूसरी सिंचाई की जानी है। लेकिन अभी तक माइनरों में पानी नहीं छोड़ा गया है। पानी नहीं आने किसान गेहूं की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। हालत यह है कि वे अन्य साधनों से गेहूं की सिंचाई करने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। कई किसानों द्वारा अन्य साधनों से सिंचाई की जा रही है। जिससे उनको आर्थिक चपत भी लग रही है। उन्होंने शीघ्र ही माइनर में पानी छोड़ने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। उधर खेतासराय क्षेत्र के नहर में पानी नहीं आने से किसान परेशान हैं। वे भी गेहूं की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। सिंचाई नहीं होने से गेहूं सूखने के कगार पर पहुंच गया है। इस दौरान रानीमऊ, सेथुआ, पारा, लेडरही, गोरारी, पारा कमाल, पोरई, गुरैनी नदौली, रुधौली, बिस्वा व एत्मादपुर आदि गांवों की फसलें सिंचाई के अभाव में सूखने के कगार पर पहुंच गई है।इन गावों की फसलों की सिंचाई का एक मात्र साधन नहर हैं। इस संबंध में नहर विभाग के अवर अभियंता अनुपम यादव ने बताया कि 15 फरवरी के बाद नहर में पानी उपलब्ध हो जाएगा । नहर में सफाई कार्य चलने के कारण पानी बंद किया गया है ।
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