जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से दीवानी न्यायालय परिसर में जनपद न्यायाधीश लुकमानुल हक की अध्यक्षता में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। इसमें 9757 वादों का निस्तारण किया गया।
लोक अदालत में विभिन्न अदालतों के माध्यम से सिविल के 57, फौजदारी के 3003 वाद, प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से 6198 , उत्तराधिकार के 17, एमएसीपी के 19, उपभोक्ता फोरम के 10, विद्युत के तीन, राजस्व 93, वन विभाग के एक, बैंकों के 356 वाद समेत कुल 9757 वादों का निस्तारण किया गया।
लघु आपराधिक वादों में एक करोड़ सात लाख 36 हजार दो सौ इकसठ रुपये अर्थदंड, एमएसीपी प्रतिकर की राशि के रूप में तीन करोड़ दो लाख 47 हजार रुपये, वैवाहिक राशि के रूप में छह लाख 31 हजार सात सौ, उत्तराधिकारी की राशि एक करोड़ 18 लाख 84 हजार सैंतीस, स्टैंप कमी के चार लाख 53 हजार पांच सौ चालीस रुपये की पूर्ति कराई गई।
इस अवसर पर विभिन्न बैंकों और अन्य कंपनियों के प्रीलिटिगेशन के 356 वादों के निस्तारण से दो करोड़ 22 लाख 90 हजार एक सौ पचहत्तर की वसूली की गई। इस अवसर पर न्यायपालिका के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, प्राधिकरण के सदस्य, अधिवक्ता, तथा वादकारी उपस्थित रहे। सिविल जज एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजीव कुमार पालीवाल ने आभार जताया।