जौनपुर। शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही के चलते जनपद में अवैध कोचिंग संस्थानों का जाल फैल गया है। विभाग की सुस्ती का आलम यह है कि सरकारी रिकॉर्ड में पूरे जिले में केवल 28 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत हैं, जबकि हकीकत में इससे दोगुनी कोचिंगें अकेले टीडी कॉलेज से जेसीज चौराहे के बीच धड़ल्ले से चल रही हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिले के एक भी कोचिंग संस्थान ने अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की जहमत नहीं उठाई है। टीडी कॉलेज से जेसीज चौराहे के मुख्य मार्ग से रोजाना जनपद के आला अधिकारी गुजरते हैं, लेकिन मानकों के विपरीत चल रहे इन संस्थानों पर किसी की नजर नहीं पड़ती।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी का हाल यह है कि कोचिंग में प्रवेश और निकास के लिए महज एक ही दरवाजा है, जबकि दूसरी कोचिंग पूरी तरह बेसमेंट के नीचे संचालित हो रही है। आपात स्थिति में यहां कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों और कस्बों में भी अवैध कोचिंग सेंटरों की बाढ़ आई हुई है। मछलीशहर: यहां करीब तीन दर्जन कोचिंग सेंटर चल रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक इनमें से एक भी शिक्षा विभाग में पंजीकृत नहीं है। मड़ियाहूं: यहां दो दर्जन से अधिक संस्थान बिना सुरक्षा इंतजामों के चल रहे हैं। रानीपुर रोड स्थित तीन कोचिंग मानक के विपरीत चल रहे हैं। वहीं, बेलवा रोड पर और मुख्य मार्ग पर स्थित इंस्टीट्यूट में भी छात्रों के आने-जाने के लिए केवल एक संकरा रास्ता है। बरईपार: यहां एक दर्जन से ज्यादा कोचिंग सेंटर बेसमेंट और संकरे भवनों में चल रहे हैं। यहां न तो वेंटिलेशन है और न ही आग से निपटने के इंतजाम।
हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य और जान से हो रहे इस खिलवाड़ को लेकर अब क्षेत्र के अभिभावकों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों और प्रबुद्ध वर्ग ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी कोचिंग संस्थानों का तत्काल भौतिक सत्यापन कराया जाए। जो संस्थान अग्नि सुरक्षा, पर्याप्त निकास मार्ग और बुनियादी मानकों को पूरा नहीं करते हैं, उन्हें सील कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
लखनऊ में हुए हादसे के बाद आलाधिकारी हरकत में आ गए हैं। जिलाधिकारी ने दो दिन के अंदर वैध कोचिंग सेंटर की सूची शिक्षा विभाग से तलब की है। एडीएम परमानंद झा ने बताया कि संबंधित विभागों को रिपोर्ट देने को कहा गया है। डीएम ने देर रात बैठक कर सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि अवैध कोचिंग संस्थानों और अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।
आज से चलेगा अभियान
जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र सिंह ने बताया कि 23 जून से कोचिंग सेंटरों के सत्यापन के लिए अभियान चलाया जाएगा। अवैध मिलने वाली कोचिंग सेंटरों के संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन के अलावा शिक्षा विभाग ने जिला, ब्लाक और तहसील स्तर टीम गठित किया है। जनपद में 28 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं। इनकी भी जांच की जाएगी।