जौनपुर। जिला जज मदन पाल सिंह ने शाहगंज कोतवाली और जौनपुर शहर कोतवाली क्षेत्र से पकड़े गए 24 जमातियों को निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह शर्त भी है कि सभी आरोपी एक महीने के भीतर पचास-पचास हजार के दो जमानतदार मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इस अवधि में उन्हें हर 15 दिन पर संबंधित थाने में हाजिरी भी लगानी होगी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के चांद मेडिकल स्टोर के पास तीन अप्रैल को कोतवाली पुलिस ने सेराज, आसिफ सुहेल, फारुख खान समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। उधर, कोतवाल शाहगंज जयप्रकाश सिंह ने दो अप्रैल को उस्मान, अमन समेत अन्य आरोपियों को एराकियाना मोहल्ला और अब्दुल रहमान, मो.नासिर, मो.फैजान, अख्तर आदि को उनके घर से पकड़ा था। सभी अलग-अलग जमात से लौटे थे। इन सभी के विरुद्ध लॉक डाउन के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई की गई थी। आरोप है कि वे छिपकर रह रहे थे। बाद में आरोपियों पर हत्या के प्रयास, महामारी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा भी विवेचना के दौरान बढ़ा ली गई थी। कोतवाली क्षेत्र के मामले में 11 और शाहगंज थाना क्षेत्र के दो मामलों में कुल 13 आरोपियों ने जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। मजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त होने के बाद जिला जज की अदालत में अपील की। आरोपियों के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि किसी भी आरोपी की जांच में कोरोना पॉजीटिव की रिपोर्ट नहीं आई है। विवेचक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर सके हैं, जिससे यह प्रमाणित हो कि आरोपियों ने किसी में कोरोना संक्रमण फैलाने का प्रयास किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपियों को निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश जारी किया।