जौनपुर। सड़कों की दुर्दशा के चलते जिले की यातायात व्यवस्था चौपट हो गई है। सरकार की हिदायतों के बाद भी जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त नहीं किया जा सका। लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट पर गौर करें तो अभी भी जिले की अलग अलग कुल 2177.388 किलोमीटर लंबी सड़कें गड्ढे में तब्दील हैं। बारिश के चलते सड़कों की दशा दिन प्रतिदिन बदहाल हो रही है। गड्ढों में तब्दील इन सड़कों पर चलना दूभर हो गया है। नेशलन हाईवे समेत स्टेट हाईवे भी दुर्दशा का शिकार है। बारिश ने इन सड़कों की कड़ी परीक्षा ली जिसमें निर्माण की गुणवत्ता की पोल खुल गई। एक सो दो साल पुरानी सड़कें भी बारिश को नहीं झेल सकीं और सड़क उधडना शुरू हो गई। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से सड़क हादसे भी बढ़े हैं।
बारिश के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग लखनऊ- वाराणसी मुंगराबादशाहपुर - शाहगंज मार्ग, नौपड़ेवा से लेदुका बटाऊपुर मार्ग, पूविवि से करंजाकला, करंजाकला से छबीलेपुर, छलीबीलेपुर से छुंछा, अलीगंज से सुंगुलपुर, शिवगुलामगंज से लालाबाजार, कलिंजरा से तेजी बाजार, तेजीबाजार से हैदरपुर, बक्शा समेत जिले की कई प्रमुख सड़कें गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। मुंगराबादशाहपुर से शाहगंज मार्ग की मरम्मत अभी दो से तीन साल पहले हुआ है। लेकिन यह सड़क जगह जगह टूटने लगी है। बदलापुर चौराहे से एक किलोमीटर दोनो छोर पर सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। बक्शा से जेती बाजार और लोहिंदा तक सड़क का निर्माण 2014 में प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना से कराया गया। यह सड़क टूट गई है। वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने का काम चल रहा है। इस सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी एनएचएआई को दी गई है। लेकिन नईगंज, कलीचाबाद, अलीगंज, कुल्हनामऊ, लखौवा, शंभूगंज, शिवगुलामगंज, बक्शा, नौपेड़वा धनियमऊ के पास सड़क टूट गई है। हाईवे पर बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश का पानी गड्ढो में भर गया है। जिससे गड्ढों का पता नहीं चलता और लोग गड्ढों में गिरकर हादसे का शिकार हो रहे हैं।
करीब 60 लाख की आबादी वाले इस जिले में कुल 3956 सड़कें हैं। इन सड़कों का 6196.753 किलोमीटर का लंबा जाल है। खराब हुई सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में अभियान शुरू हुआ तो अप्रैल महीने में 1517.345 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने और 1016.200 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण का लक्ष्य रखा गया था। मरम्मत और नवीनीकरण की के लिए लोकनिर्माण विभाग की तीन इकाइयों को जिम्मेदारी दी गई थी। लोक निर्माण विभाग की 22 सितंबर 2019 तक की रिपोर्ट पर गौर करें तो छह महीने में 62 फीसदी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जा सका है और नवीनीकरण के लिए 54 फीसदी लक्ष्य पूरा किया गया है। यानी कुल 940.670 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त और 545.150 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण का काम पूरा किया गया है। अभी भी 2177.388 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और नवीनींकरण का काम बाकी है।
बारिश के चलते सड़कों की मरम्मत का काम रुक गया है। करीब 2177 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत का कार्य बाकी है। बारिश खत्म होते ही जिले की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त कर लिया जाएगा।
राधाकृष्ण
अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी