जौनपुर। शहीद दिवस के मौके पर कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी की मौजूदगी में दो मिनट का मौन रखकर स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि हमें आजादी बहुत ही मुश्किलों से मिली है। इसके लिए हजारों शहीदों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी।
उधर, करंजाकला क्षेत्र प्राथमिक विद्यालय चक गोपालपुर में ग्रामीण विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान ने महात्मा गांधी काशहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। प्रधानाध्यापक राजेश चंद यादव ने कहा कि 30 जनवरी के दिन महात्मा गांधी की हत्या हुई थी। वह भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी थे। भारत की आजादी विकास और लोक कल्याण के लिए पूरे जीवन भर कड़ा संघर्ष करते रहे। भारत की आजादी के बाद भारत के लोगों में भाईचारा शांति और सौहार्द बनाने के लिए बापू ने एक मिशन की शुरुआत की थी। शिक्षिका प्रिया सिंह कुशवाहा व सचिन फातिमा ने कहा कि संत का अंत कभी नहीं होता। महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन से भारत को मुक्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। शिक्षिका अनिता देवी ने रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम बापू भजन बच्चों के बीच में प्रस्तुत किया। छात्रों ने महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। संचालन सामाजिक कार्यकर्ता रमेश यादव ने किया।
महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्घांजलि
जौनपुर। खरका तिराहे पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जिला कांग्रेस कमेटी ने श्रद्घांजलि देकर शहादत दिवस मनाया। जिलाध्यक्ष इंद्रभुवन सिंह ने कहा कि गांधी सद्भाव, शालीनता और अहिंसा के प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने कहा कि आज का दिन सत्य, अहिंसा का दिन है। कांग्रेसियों को सत्य और अहिंसा के विचारधारा पर चलने की शपथ दिलाई गई। इस मौके पर डा. राकेश उपाध्याय, अखिलेश श्रीवास्तव, फैसल हसन तबरेज, आजम जैदी, सौरभ शुक्ला, गौरव सिंह, शिव मिश्र, शिवली अहमद, वीरेंद्र सोनकर, पंकज सोनकर, अशरफ अली, शिखर द्विवेदी, नीरज सिंह, प्रभात विक्रम सिंह, विजय प्रताप सिंह, शैलेंद्र सिंह, सूरज सिंह, शशांक सोनकर, राकेश मिश्र, प्रेम नरायन, सौरभ शुक्ला मौजूद रहे।
कैंडिल मार्च निकालकर बापू को दी गई श्रद्धांजलि
जौनपुर। डीडीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने बुधवार को कैंडिल मार्च निकालकर महात्मा गांधी को श्रद्घांजलि दी। शिक्षक संदीप यादव ने छात्रों को महात्मा गांधी के जीवन के बारे में बताया और रवींद्र नाथ की कविता सुनाई। आरती सिंह ने भी बापू के जीवन पर प्रकाश डाला।