जौनपुर। मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ की ओर से अपनी मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय परिसर में चल रहे घरना के दौरान हुई मारपीट की घटना से स्वास्थ्य कर्मचारियों में आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि अपने हक के लिए आवाज उठाया जिसका खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष रुक्मिणी राय का कहना है कि विभागी के अधिकारियों की सह पर स्वास्थ्य कर्मचारियों का शोषण और उत्पीड़न हो रहा है। सभी सीएचसी और पीएचसी पर तैनात कर्मकारियों से वेतन भुगतान के नाम पर सौ रूपये की मांग की जाती है। बिना सौ रुपया दिए वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है। जब कोई कर्मचारी विरोध करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने की विभाग के अधिकारी धमकी देते हैं। नवंबर माह में वेतन नहीं दिया रहा था। वेतन नहीं मिलने पर धरना प्रदर्शन करने की धमकी दी तो आनन फानन में वेतन का भुगतान कर दिया गया। संघ की मांग की है कि वैक्सिन के बाक्स स्थल तक पहुंचाया जाए, कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद किया जाए। समय से वेतन का भुगतान किया जाए। इन्हीं मांगों को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी (एएनएम महिला और पुरुष) सोमवार से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को शांतिपूर्ण तरीके से धरना चल रहा था। अचानक कुछ लोग पहुंच और मारपीट शुरू कर दिया। बेसिक हेल्थ वर्कर संघ के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय तिवारी, जिला अध्यक्ष शीतला प्रसाद सेठ, यूपी मेडिकल के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार श्रीवास्तव और रामकेश यादव ने घटना की निंदा की और कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारी अपना हक लेकर रहेंगे।