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Jaunpur News: लाइब्रेरी में 20 हजार किताबें लेकिन पढ़ने वाला कोई नहीं

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जौनपुर। मोबाइल युग और इंटरनेट ने लोगों को किताबों की दुनिया से दूर कर दिया। आज इंटरनेट पर हर वो सामग्री मौजूद है जो लोगों के उपयोग की है, लेकिन अभी भी कई ऐसी जानकारियां हैं जिसके लिए किताबें खंगालनी पड़ती हैं। राजकीय लाइब्रेरी में मौजूदा समय में बीस हजार से अधिक किताबें हैं इसके बावजूद किताब पढ़ने वालों की संख्या तेजी से घट रही है।
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राजकीय लाइब्रेरी के अध्यक्ष बृजेश कुमार पांडेय ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि शेखपुर ईशापुर स्थित राजकीय लाइब्रेरी की स्थापना 1996 में की गई। स्थापना तत्कालीन जिलाधिकारी नवनीत सहगल ने की थी। तब से लेकर 2010 तक जब तक इंटरनेट का चलन नहीं था, लाइब्रेरी में भीड़ रहती थी। छात्र-छात्राओं के अलावा शिक्षकों, अध्यापक, प्रोफेसर आदि भी आते थे। उस समय किताबें उतनी नहीं हुआ करती थीं। लाइब्रेरी आने वालों द्वारा जिस किताब की मांग की जाती थी उसे मंगवाया जाता था। आज यहां हर तरह की किताबें प्रतियोगी परीक्षाओं की हो या उपन्यास, इतिहास हों या वेद पुराण की करीब 20 हजार से अधिक संख्या में पुस्तकें उपलब्ध हैं, लेकिन इन्हें पढ़ने वाला कोई नहीं है। बृजेश का कहना है कि इंटरनेट पर सभी जानकारियां चाहे वह किसी परीक्षा से संबंधित हो या सामान्य ज्ञान से और या फिर धार्मिक ग्रंथों से संबंधित हों, उपलब्ध हैं। लेकिन जो बातें किताबों में हैं वो शायद इंटरनेट में भी नहीं है। कई बार इंटरनेट पर भ्रामक जानकारियां भी मिलती हैं, लेकिन किताबों में कोई भी जानकारी बिना तथ्य के नहीं होती। उन्होंने जिले के युवाओं को किताबों से जुड़ने की बात कही है।
लाइब्रेरी में वाईफाई की सुविधा भी
राजकीय लाइब्रेरी में इंटरनेट से जुड़ने के लिए वाईफाई की सुविधा भी उपलब्ध है। यहां एक सात 100 लोग पढ़ सकते हैं। बृजेश पांडेय के मुताबिक आने वाले दिनों में लाइब्रेरी को और हाईटेक किया जाएगा।
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प्रतिदिन आती हैं 5-6 शिक्षिकाएं
बृजेश ने बताया कि आम तौर पर लाइब्रेरी में लोग एक दिन के बाद कई दिन के अंतराल पर आते हैं। लेकिन पड़ोस स्थित जीजीआईसी विद्यालय की 5 से 6 शिक्षिकाएं ऐसी हैं, जो नियमित लाइब्रेरी आती हैं। शिक्षिकाएं छात्राओं को भी लाइब्रेरी आने के लिए जागरूक करती हैं।
650 सदस्य फिर भी सक्रिय 50 से 60
बृजेश पांडेय ने बताया कि राजकीय लाइब्रेरी की सदस्यता करीब 650 लोगों के पास है। हालांकि इनमें से सक्रिय केवल 50 से 60 सदस्य ही हैं। पहले सदस्यों की संख्या अधिक थी धीरे-धीरे सदस्यता कम हुई है।
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