मछलीशहर। अक्षय तृतीया पर्व का सुखद संयोग सात मई मंगलवार को रोहिणी नक्षत्र के साथ मिलने के कारण विशेष फलदायी माना जा रहा है। ज्योतिषविद डा शैलेश मोदनवाल के अनुसार दिन में 10.30 से 12.12 बजे तक लाभ, तक, 12.12 से 1.54 बजे तक अमृत और शाम को 3.36 से 5.18 शुभ और रात 8.18 बजे से 10 बजे तक लाभ योग है। इस दौैरान शुभ कार्य और पूजन आदि करना चाहिए।
अक्षय तृतीया पर व्रत, पूजन, दान, मंत्रजाप एवं हवन आदि का अक्षय फल प्राप्त होता है। गंगा स्नान के भगवान विष्णु की पूजा के बाद जल, वस्त्र, अन्न, सत्तू, मिष्ठान एवं पंखे आदि का दान करना चाहिए। अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान परशुराम का प्राक्ट्य हुआ था। भगवान परशुराम जो दशावतारों में आतें हैं। भगवान विष्णु के अंशावतार कहे जाते है। लोंग इस दिन स्वर्ण आभूषणों की खरीददारी भी करते है, ऐसी मान्यता है कि आज के दिन स्वर्ण आभूषणों की खरीददारी करने से घर में स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।