जौनपुर। सरपतहां थाना क्षेत्र के रामनगर में मुकदमा हारने के प्रतिशोध में वादिनी के पुत्र की गड़ासी से वारकर हत्या करने तथा परिवार के अन्य सदस्यों पर प्राणघातक हमला करने के चार आरोपियों को शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह गौतम ने आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाया। घटना की प्राथमिकी मृतक की मां शोभावती देवी ने दर्ज कराया था।
अभियोजन के अनुसार वादिनी शोभावती के परिवार वालों का हरिहर से जमीन का मुकदमा चल रहा था। जिसमें वादिनी के परिवार वालों के पक्ष में न्यायालय से फैसला हो गया। इसी बात की रंजिश को लेकर हरिहर तिवारी उनके पुत्र जटाशंकर व राकेश,पत्नी प्रभावती व जटाशंकर की पत्नी किरन लाठी,डंडा गड़ासी व टंगारी लेकर गालियां देते हुए जान से मारने की नियत से वादी के दरवाजे पर चढ़ आए वादिनी के परिवार वाले जान बचाने के लिए घर में भागे तो आरोपी घर से खींच कर वादिनी के पति केशव व पुत्र नरेंद्र पर प्राणघातक हमला कर गंभीर चोटे पहुंचाए।बीच बचाव में वादिनी व उसके पति को भी आरोपियों ने चोटे पहुंचाया। शोर पर गांव के राकेश आदि आ गये।घटना देखे व बीच-बचाव कर जान बचाए।आरोपी धमकी देते हुए चले गए।वादिनी के पुत्र नरेंद्र की दौरान इलाज मृत्यु हो गई।आरोपी हरिहर की दौरान मुकदमा मृत्यु हो गई।कोर्ट ने समस्त साक्ष्यों का परिशीलन करने तथा दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जटाशंकर,राकेश,किरन व प्रभावती को हत्या व अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए सजा सुनाया।
जौनपुर। पंवारा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी विवाहिता से घर में घुसकर चाकू की नोक पर दुष्कर्म करने के आरोपी जितेंद्र कुमार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम महेंद्र सिंह ने 7 वर्ष कारावास व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाया।
पीड़िता ने पंवारा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था कि 20 मार्च 2016 को अपने घर में सो रही थी।करीब तीन बजे रात में आरोपी जितेंद्र कुमार चाकू लेकर आया और उसे दबोच लिया। मड़हे में उसके साथ दुराचार किया।चाकू से शरीर में चोटे पहुंचाया। मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान में भी पीड़िता ने घटना की पुष्टि की।पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया।एडीजीसी अनूप शुक्ला ने अभियोजन पक्ष से पैरवी कर गवाहों को परीक्षित कराया।अभियुक्त की ओर से तर्क दिया गया कि बकाये रुपए की रंजिश को लेकर उसे फंसाया गया।कोर्ट ने समस्त साक्ष्यों का परिशीलन व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी जितेंद्र को दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सजा सुनाया।