महराजगंज। मनुष्य अपने सत्कर्मों व संस्कार से महान बनता है,जहां महान आत्म पर परमेश्वर की चरणरज लग जाए, वहां परमेश्वर की प्राप्ति होती है, जहां धर्म होता है वहीं संस्कृति का उत्थान होता है। मानव का कर्म परोपकार कार्य करना है। जबकि ईश्वर का कार्य है, उसे पूरा कर फल देना। उक्त बातें डाक्टर ब्यास उमादास महाराज जी ने चरियाही मिनी स्टेडियम पर विश्वकल्याणार्थ हेतु चल रहे मानस प्रबचन के तीसरे दिन सोमवार को कहा। उन्होंने कहा कि मनुष्य को शाकाहार का सेवन व नशा मुक्त रहना चाहिए। जिससे सुंदर विचार और राक्षसी मनोवृति दूर होती है ।का प्रवचन मे अध्यक्ष बुलाकी राम यादव ने सीताराम नाम मंदिर बनाने हेतु डेढ बीघे जमीन दान भी किया। कथा प्रवचन के बाद भक्तों ने आरती व प्रसाद लिया । इस अवसर पर ग्राम प्रधान सूबेदार यादव,उमाशंकर यादव, राजाबाबू, अवधेश, सरबजीत, बाबा नाथ, बुलाकी राम, ओमप्रकाश, हुबलाल यादव, बृजलाल, हौसिला रणबहादुर एडवोकेट गुड्डू, रितिक, आशुतोष, अमरनाथ यादव आदि उपस्थित रहे।