नगर ऐतिहासिक चूड़ी मेले की चर्चा तेज है। मेले में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है। यह परंपरा 186 वर्षों से चली आ रही है। इस बार यह अनोखा मेला शनिवार से शुरू होगा। धनतेरस तक चलेगा।
नगर के चुड़ी मोहल्ले मे मेले की तैयारी जोरों पर है। रामलीला समिति शाहगंज के अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल ने बताया कि दुकानदार अपनी दुकानें सजाने में जुटे हैं। हर साल की तरह इस बार भी करीब 100 से अधिक दुकानें लगेंगी।
इस बार एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है।बताया कि लंका विजय के बाद जब भगवान श्रीराम माता सीता के साथ अयोध्या लौटे, तो माता सीता ने अपनी सहेलियों संग इसी स्थल पर पहुंचकर शृंगार सामग्री की खरीदारी की थी। तभी से यहा मेला लगता है। यह स्थल अयोध्या जिले की सीमा से करीब 60 किलोमीटर दूर है। मेले में महिलाएं चूड़ियां, बिंदी, बिछिया, पायल, साड़ी की खरीदारी करती हैं। यह मेला लगभग 186 वर्ष पुराना है।