जौनपुर। आतंकी हमले से आहत लोगों को वायु सेना द्वारा पाक के आतंकी ठिकानें को ध्वस्त करने के बाद राहत मिली है। इस कार्रवाई से समाज का हर तबका खुश है। लोगों का कहना है कि 1971 के बाद सैनिकों ने पा किस्तान में घुसकर साहस का परिचय दिया है। अब पुलवामा का हिसाब बराबर हो गया है।
ज्योतिषि एवं रत्न विशेषज्ञ डा. संदीप पांडेय का कहना है कि पाकिस्तान बातचीत की भाषा समझने वाला देश नहीं है। देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने पा किस्तान को उसी की भाषा में जवाब देकर यह बता दिया है कि भारत पहले मारेंगा नहीं अगर कोई मारने की सोचा तो छोड़ेगा नहीं।
शिक्षिका हीना रिजवीं का कहना है कि पाकिस्तान को वायुसेना के सैनिको ने अच्छा सबक सिखाया है। वायु सेना के सैनिक इसके लिए बधाई के पात्र है। जिसने पूरें जोश के साथ अपने शहीद सैनिकों का बदला लिया है। और आतंकियों को बता दिया कि भारत से दुश्मनी करना आसान नहीं है। डा. देवव्रत मिश्र का कहना है कि इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान को भारत पर हमला करने से पहले बार- बार सोचना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के बाद उनके दिल को सुकून मिला है। समाजसेविका प्रीती गुप्ता का कहना है कि पुलवामा हमले के बाद मोदी सरकार पर जो लोग सवाल उठाएं अब उनके मुंह पर ताला बंद है। दस दिन की तैयारी के बाद आतंकी संगठन का बीस वर्ष पुराना अड्डे का सफाया करना कोई मामूली बात नहीं है। चिकित्सक डा. बीना त्रिपाठी का कहना है कि एक सैनिक अधिकारी की पत्नी होने के नाते मुझे खुशी इस बात की हो रहीं है कि हमारे देश के सैनिकों ने पाकिस्तान में जाकर आतंकियों पर हमला कर पूरे देश का मान बढ़ाया है। पाकिस्तान को करारा जवाब मिल गया है। शिक्षिका नीतू सिंह का कहना है कि
सेना ने अपने शहीद 40 दोस्तों के शहादत का बदला जिस तरह से पाकिस्तान में घुसकर 300 आतंकवादियों का सफाया कर लिया है। एक मां के रुप में जब देखती हूं तो इसे सच्ची श्रद्धांजली मानती हूं। भारतवासी होने के नाते मुझेक इस बात से गर्व महसूस होता है। पूविवि के प्रोफेसर डा. मानस पांडेय का कहना है कि सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान पस्त हो गया है। 80 किमी अंदर घुसकर मारना कोई आसान बात नहीं है। वायु सेना की इच्छाशक्ति और अदम्य साहस को मेरा प्रणाम है। शिक्षक डा. अब्दुल्लाह साबिर का कहना है कि
आतंकवाद देश, धर्म, और दुनिया के माथे पर बदनुमा दाग है। दुनिया के किसी भी धर्म में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। पुलवामा में आतंकवादियों द्वारा जो हमला किया गया हुआ है वो निन्दनीय है। देश के मुसलमानों ने इस की कड़ी निंदा की है। देश के सैनिकों ने सराहनीय कार्य किया है। करारा जवाब देना जरूरी था।