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आसमान में छाए बादल, पुरवा हवाओं ने बढ़ाई गलन

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जौनपुर। जिले में ठंड का असर कम नहीं हो रहा है। आसमान में छाये बादल छाने से तापमान में बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद पुरवा हवाओं के चलते राहत नहीं मिली। लोग दिन में अलाव के पास बैठे नजर आए। शनिवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पुरवा हवा 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली और मौसम में 51 फीसदी नमी रही।
शनिवार को सुबह पुरवा हवाओं के चलते कोहरे का असर कम रहा लेकिन हवाओं के चलते ठिठुरन बढ़ गई। आसमान में छाए बादलों के चलते धूप के लिए भी लोग तरस गए। बादल छटने के बाद दोपहर में खुछ देर के लिए धूप हुई लेकिन फिर से सूरज बादलों में ढंक गया। बादलों व सूरज के बीच लुका छिपी मे ंदिन बीत गया। और शाम ढलते ही गलन बढ़ गई। सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन अधिक रही। लोग अलाव के सहारे ठंड से बचाव कर रहे हैं। बाजारों में भी ठंड का असर देखा जा रहा है। जल्दी लोग घर पहुंच जा रहे जिससे बाजारों में सन्नाटा पसर जा रहा है। बीच में दो चार दिनों तक मौसम भले कुछ ठीक हुआ लेकिन ठंड से परेशान लोग धूप के लिए तरस जा रहे हैं। बुधवार की देर शाम से ही कोहरे का प्रकोप शुरू हो गया था। सुबह घने कोहरे के चलते दिन में नौ बजे तक सड़को पर सन्नाटा पसरा रहा। वाहन चले तो हेड लाइट जलाकर। सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन अधिक रही। लोग अलाव के सहारे ठंड से बचाव कर रहे हैं। दोपहर करीब एक बजे धूप खिली तो लोगों को ठंड से राहत मिल गई। धूप खिलते ही कार्यालयों में काम कर रहे कर्मचारी भी बाहर निकल आए। विकास भवन परिसर में धूप सेंकने के लिए कर्मचारी देर तक देखे गए। घरों की छत पर लोग पहुंचकर धूप का आनंद लिए। लेकिन शाम ढलते ही फिर से ठंड शुरू हो गई और लोग जल्दी घर पहुंच गए। सुबह ठंड के चलते सबसे अधिक परेशानी स्कूल जानेवाले छोटे बच्चो को हुई। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश हुई तो फसलो को फायदा होगा। लेकिन आसमान में बदल कई दिन तक रहे तो सरसों की फसल पर माहो का अटैक हो सकता है।
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रैन बसेरा में रात बिता रहे मुसाफिर
जौनपुर। ठंड को देखते हुए मुसाफिरों की सुविधा के लिए शहर में भंडारी रेलवे स्टेशन और रोडवेज डिपो परिसर में नगरपालिका प्रशासन की ओर से रैन बसेरा स्थापित किया गया है। टेंट लगाकर बनाए इस रैन बसेरा में प्रतिदिन 20 से 25 लोग रात बिताते हैं। ठंड से बचाव के लिए यहां अलाव जलाने के साथ टेंट में रजाई और गद्दे का भी इंतजाम किया गया है।

शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें
जौनपुर। बाहर गाड़ी चला रहे हों या घर पर हों, हाथ और पैरों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़ों से ढककर जरूर रखें। पैरों व हाथों की अंगुलियां नीली पडऩा, दर्द और खुजली होने की दिक्कतों से बचने के लिए मोजे और दस्ताने जरूर पहनें। यदि दिक्कत ज्यादा है तो गुनगुने पानी से सेंकाई करें।

धूप निकलने पर करें वॉक
जौनपुर। वरिष्ठ चिकित्सक डा. आरए मौर्या का कहना है कि अस्थमा या सांस संबंधी रोग से पीड़ित हैं तो सुबह की बजाय हल्की धूप निकलने पर ही टहलने जाएं। सुबह की सर्द हवा सांस की नली में दिक्कत बढ़ा सकती है, जिससे हृदयरोगियों की परेशानी बढ़ सकती है। सुबह 8 से 10 बजे के बीच धूप लेने से विटामिन-डी की पूर्ति होती है।
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फल, सब्जियों का करें सेवन
जौनपुर। वरिष्ठ चिकित्सक डा. विवेक कुमार मिश्र का कहना है कि खांसी-जुकाम व बुखार जैसी समस्याएं हों तो अदरख, तुलसी, हल्दी और कालीमिर्च जैसी घरेलू चीजों से बना काढ़ा पी सकते हैं। पानी भी गुनगुना करके ही पीना चाहिए। शरीर में ऊर्जा बढ़ाने व रोग प्रतिरोधक क्षमता बरकरार रखने के लिए मौसमी फल संतरा, अमरूद, पपीता, चीकू और सब्जियां पालक, चुकंदर, आंवला, गाजर लें।
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