वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने संबद्ध महाविद्यालयों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया है। महाविद्यालयों को 2017 से संबद्धता फीस पर जीएसटी जमा करना होगा।
महाविद्यालयों को जारी पत्र में कहा कि एक जुलाई 2017 के बाद जिन महाविद्यालयों ने विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त की है, उन्हें संबद्धता के समय विश्वविद्यालय के खाते में जमा किए गए शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी जोड़कर अब विश्वविद्यालय के खाते में जमा करना होगा।
विश्वविद्यालय के इस आदेश से स्ववित्तपोषित और नए महाविद्यालयों में असंतोष है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी पत्र में तर्क दिया गया है कि जीएसटी काउंसिल के निर्णय के क्रम में वित्त विभाग ने विश्वविद्यालय को पत्र जारी कर वर्ष 2017 से अब तक की संबद्धता फीस पर जीएसटी वसूलने के निर्देश दिया हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि संबद्धता के दौरान महाविद्यालयों ने जो धनराशि जमा किया है उसे विश्वविद्यालय की आय मानी जाती है। इसलिए उस पर जीएसटी देय है। इसी आधार पर अब पिछली अवधि का जीएसटी महाविद्यालयों से वसूला जाएगा।
प्रबंधक महासंघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश तिवारी ने विश्वविद्यालय के इस कदम को जजिया टैक्स करार देते हुए विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा अब महाविद्यालयों से वसूला जा रहा है।
वित्त विभाग से साफ निर्देश मिला है कि संबद्धता शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी लेना अनिवार्य है। संबद्धता प्रदान करने की प्रक्रिया शैक्षणिक विभाग से जुड़ी है, लेकिन शुल्क से संबंधित विषय वित्तीय नियमों के अंतर्गत आता है। सभी संबंधित महाविद्यालयों को नियमानुसार 18 प्रतिशत जीएसटी विश्वविद्यालय के खाते में जमा करना होगा।
-केशलाल, कुलसचिव पूविवि जौनपुर