बदलापुर। बदलापुर के नगर पंचायत बने पांच साल हो चुके लेकिन अब तक कूड़े का निस्तारण का कोई बंदोबस्त नहीं हो पाया है। पंचायत के 15 वार्डों से एक टन कचरा निकलता है, जिसे इधर-उधर और खाली प्लाटों में डंप किया जा रहा है। पहले महराजगंज रोड पर कूड़ा फेंका जाता था। सरोखनपुर में कूड़ा डंप करने से ग्रामीणों ने रोका। ग्राम भलुआही, सरोखनपुर , पुरानीबाजार, बरौली, हकारपुर, सुल्तानपुर और ऊदपुरघाटमपुर के कुछ हिस्सों को मिलाकर 27 जून 2014 को बदलापुर नगर पंचायत का गठन किया गया। इसको 15 वार्डों में विभाजित किया गया। नगर पंचायत बनने के बाद भी नगर की सफाई और कचरे के निस्तारण का मुकम्मल बंदोबस्त नहीं किया गया। रोजाना निकलने वाले एक टन कूड़ा को वाहन से महराजगंज रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास सड़क के किनारे फेंक दिया जाता था। पेट्रोल पंप मालिक ने इसका विरोध किया और बगल में कचरा फेंकना रोक दिया। बुधवार को नगरपंचायत के अधिशासी अधिकारी डॉ महेंद्र ने सरोखनपुर में ग्रामसभा की जमीन पर कूड़ा फेंकने के लिए कर्मचारियों को भेजा था। मगर गांव के आद्या शंकर व स्वतंत्र कुमार ने अपनी जमीन बताते हुए वहां कूड़ा डंप करने से रोक दिया। सफाई कर्मचारी कूड़े से लदा ट्रैक्टर पर लेकर लौट आए। अधिशासी अधिकारी डा. महेंद्र ने बताया कि कूड़ा डंप करने के लिए ग्रामसभा की जमीन के लिए छह माह पूर्व उपजिलाधिकारी को पत्र लिखा गया था लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। शासन ने सभी नगर पंचायतों में कचरा निस्तारण का बंदोबस्त करने को कहा था लेकिन बदलापुर को प्रशासन ने जमीन ही उपलब्ध नहीं कराई।