बिजली गिरने से मृत सतीश कुमार की फाइल फोटो। परिजन
जौनपुर। मौसम हर दिन तीनों पहर में बदल रहा है। बृहस्पतिवार की सुबह मौसम सामान्य था। दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदला फिर आसमान में काले बादल छा गए। इसके बाद झमाझम बारिश शुरू हुई। करीब एक घंटे तक हुई बारिश के कारण शहर से गांव तक की सड़कें जलमग्न हो गईं। सबसे ज्यादा बारिश शहरी क्षेत्रों में हुई है। मीरगंज में खेत में धान की फसल देखने गए 17 साल के किशोर की बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं, बरसठी में सड़क धंसने से आवागमन बंद हो गया है। महराजगंज में जर्जर कच्चा मकान गिर गया है। हालांकि, इसमें जनहानि की सूचना नहीं है।
खेत में धान की फसल देखने गया था सतीश
मीरगंज। मोलनापुर गांव में बृहस्पतिवार की दोपहर में बिजली गिरने से 17 साल के सतीश चौहान की मौत हो गई। वह अपने बड़े भाई गुड्डू के साथ घर से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित खेत में धान की फसल देखने गया था। बारिश शुरू होने से पहले गुड्डू घर लौट आया था। जबकि सतीश खेत के पास स्थित नीम के पेड़ के नीचे खड़ा हो गया। इसी दौरान पेड़ पर बिजली गिरने से वह झुलस गया। वहां से गुजर रहे गांव के एक व्यक्ति ने घर जाकर परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजन खेत में पहुंचे और उसे मछलीशहर सीएचसी ले गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सतीश पांच भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा था। ग्राम प्रधान रमेश सरोज ने बताया कि इसी स्थान पर पहले भी पांच बार बिजली गिर चुकी है। इससे पहले गांव के अजीत चौहान की भी यहीं बिजली की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। मीरगंज थानाध्यक्ष अरविंद सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर मिलने पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।
सड़क धंसने के बाद गड्ढे में डाले ईंट के टुकड़े
बरसठी। जमालापुर-बंधवा मार्ग पर तेजगढ़ गांव के पास बारिश से सड़क का एक हिस्सा धंस गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गड्ढे में ईंट के टुकड़े डालकर छोड़ दिए गए हैं। उन्हें समतल नहीं कराया गया। इससे बाइक, साइकिल और चार पहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। रात में हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
बारिश में जर्जर कच्चा मकान गिरा, मलबे में दबी गृहस्थी
महराजगंज। प्यारेपुर बिझवट गांव में तेज बारिश के कारण पुराना कच्चा मकान का एक हिस्सा गिर गया। परिवार के विजय, राजन और अशोक पाठक कच्चे मकान के बरामदे में सो रहे थे। इससे बड़ा हादसा टल गया। मलबे में गृहस्थी का सामान दबकर नष्ट हो गया। परिवार के चार अन्य भाई रोजी-रोटी के लिए मुंबई गए हैं। जिला पंचायत सदस्य हरिश्चंद्र चौधरी ने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से परेशान है। मकान का हिस्सा गिरने के बाद भी तीनों परिवारों के 12 लोग उसी जर्जर मकान में रह रहे हैं। मकान के सामने बारिश का पानी भी जमा है।