मछलीशहर। तहसीलदार कौशलेश कुमार मिश्रा द्वारा एक अधिवक्ता से अपशब्द कहना भारी पड़ गया। अधिवक्ताओं ने उनके व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए गुरुवार को तहसील में हंगामा खड़ा कर दिया। जुलूस निकालकर तहसील परिसर में नारेबाजी किया। हालांकि वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा बीच बचाव के बाद मामला शांत हो गया। तहसील के अधिवक्ता सतीश कुमार ने संघ के पदाधिकारियों से तहसीलदार पर आरोप लगाया कि एक प्रकरण में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सत्य प्रकाश के कार्यालय में वह गये थे। वहां पर पहले से ही मौजूद तहसीलदार ने उन्हें अपशब्द कहा। जबकि अधिवक्ता प्रेम बिहारी यादव ने आरोप लगाया कि आए दिन तहसीलदार अधिवक्ताओं को अपशब्द कहते रहते हैं। तहसीलदार के व्यवहार से क्षुब्ध अधिवक्ताओं ने संघ के पदाधिकारियों से गुरुवार को लिखित शिकायत किया तो अधिवक्ता आक्रोशित हो गये। तहसील में नारेबाजी कर सभी न्यायालयों का काम रोकवा दिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के अनुपस्थित रहने पर अधिवक्ताओं ने तहसीलदार का घेराव करते हुए उनसे स्पष्टीकरण देने को कहा। मामले में तहसीलदार का कहना है कि आरोप निराधार है। सभी बातें ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में हुई थी। हमने हमेशा अधिवक्ताओं को सम्मान किया है। आये दिन अधिवक्ताओं से हंसी मजाक होती रहती है। इसमें यदि खराब लगा है तो बात अलग है। हालांकि वरिष्ठ अधिवक्ताओं व संघ पदाधिकारियों की मध्यस्थता में भविष्य में मामले की पुनरावृत्ति न हो की शर्त पर मामला शांत हुआ। इस अवसर पर बार के अध्यक्ष सुरेश बहादुर सिंह, महामंत्री संजीव चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता केदार नाथ यादव, राजेन्द्र प्रसाद सिंह, जगदंबा प्रसाद मिश्रा, प्रेम चन्द्र विश्वकर्मा, महेन्द्र कुमार सिंह, बाबुराम, रघुनाथ प्रसाद, जितेन्द्र श्रीवास्तव, अशोक त्रिपाठी, ललित तिवारी आदि उपस्थित थे।