जौनपुर। जिले के सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों से निकलने वाले कचरे के निस्तारण की मुकम्मल व्यवस्था नहीं की गई है। अस्पतालों से प्रतिदिन 400 किलोग्राम कचरा निकलता है। कई अस्पतालों में मरीजों को इंजेक्शन लगाने के बाद सिरिंज को भी खुले में फेंक दिया जाता है। अस्पतालों से बॉयो वेस्ट का निस्तारण भी नियमित रूप से नहीं होता। बॉयो वेस्ट सड़क किनारे कूड़ों में फेंक दिया जाता है। इससे लोगों में संक्रमण फैलने की आशंका हमेशा बनी रहती है। इसके बावजूद बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल को लेकर अफसर गंभीर नहीं हैं। नर्सिंग होम और अस्पताल संचालक कागजों में ही बॉयो वेस्ट का निस्तारण कर दे रहे हैं। जिस कंपनी को वह बॉयो वेस्ट देने का दावा करते हैं, वास्तव में उस कंपनी की गाड़ी हफ्ते में एक दो दिन ही आती है। नियम है कि 24 घंटे के अंदर बॉयो वेस्ट का निस्तारण कर दिया जाए। ऐसे में बॉयो वेस्ट खुले में फेंका जा रहा है। इससे संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। जौनपुर में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, टीबी अस्पताल और 22 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। 58 निजी अस्पताल हैं। इन सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों से प्रतिदिन 400 केजी बॉयो वेस्ट निकलता है। अस्पतालों से निकलने वाले कचरे के निस्तारण का टेंडर संगम मेडी सर्व एजेंसी को दिया गया है। एजेंसी के क्षेत्रीय प्रबंधक मंदीप सिंह का दावा है कि सभी अस्पतालों से नियमित रूप से बॉयो वेस्ट का उठान होता है। बॉयो वेस्ट को इलाहाबाद के हंडिया में स्थित प्लांट में निस्तारित किया जाता है।