ो करंजाकला। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के उड़ली गांव निवासी सपा नेता लालजी यादव का आपराधिक रिकार्ड रहा है। उस पर लूट, हत्या के 14 मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं। कुछ लोगों से ठेकेदारी का भी विवाद चल रहा था। ऐसे में पुलिस हत्या की वजह रंजिश मान कर चल रही है और उसी पहलू से मामले की जांच की जा रही है।
लालजी यादव के खिलाफ खुद हत्या, लूट, हत्या के प्रयास समेत कुल 14 अपराधिक मुकदमे सरायख्वाजा, खेतासराय, गौराबादशाहपुर और नगर कोतवाली में दर्ज हैं। वह राजनीति में सक्रिय थे लेकिन ठेकेदारी भी करते थे। निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कालेज में भी उनका गिट्टी और बालू सप्लाई का काम चलता था। पुराने मुकदमे और ठेकेदारी के कुछ विवादों को लेकर पुलिस छानबीन में जुटी है।
लालजी की इलाके में सामाजिक और राजनीतिक हलके में अच्छी बैठक थी। उनकी समाजवादी पार्टी के जिले के सभी बड़े नेताओं के करीबी थी। वह समाजवादी लोहिया वाहिनी के सचिव रहे और बाद में सपा में सक्रिय बने रहे। लालजी की भाभी दुर्गावती वार्ड संख्या पांच से जिला पंचायत सदस्य हैं। चुनाव में उन्होंने खुद भी वार्ड संख्या एक से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था लेकिन पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती यादव के हाथों चुनाव हार गए थे।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे सपा नेता
जौनपुर। दोपहर बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा तो परिजन शव लेकर पहले घर आए। शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में शोक संवेदना व्यक्त करने वालों की भीड़ लग गई। सपा के जिला अध्यक्ष लालबहादुर यादव, मल्हनी के विधायक पारसनाथ यादव, शाहगंज के विधायक शैलेंद्र यादव ललई, जिला पंचात अध्यक्ष राज बहुदुर यादव भी घर पहुंचे और शव यात्रा निकली तो इन नेताओं ने अर्थी को कंधा दिया। शव गोमती नदी के राम घाट ले जाया गया जहां अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव के अंतिम संस्कार के वक्त भी सरायख्वाजा थाने की पुलिस मौजूद थी। लालजी अपने पिता के तीन पुत्रों में सबसे छोटे पुत्र थे। और वह खुद तीन बच्चों के पिता थे।