उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में रमजान की धूम मची है। इस दौरान मरकाजी सीरत कमेटी के नायब सदर शकील मंसूरी ने रमजान पर्व के बारे में लोगों को समझाया। उन्होंने कहा कि अल्लाह ने हमें रमजान जैसी अजीम नेयमत से नवाजा है। रमजान में जन्नत का दरवाजा खुलता है। अगर किसी को बताएं नहीं तो उसे इल्म नहीं होना चाहिए कि कोई रोजा है।
शकील मंसूरी ने कहा कि रमजान के महीने में दिन रात बस अल्लाह की इबादत होनी चाहिए। लिहाजा इसे शहर ए रमजान यानी अल्लाह का महीना कहा जाता है। इस महीने में अल्लाह के ही काम होते हैं। उन्होंने कहा कि रहमतों और बरकतों के इस पवित्र महीने में सिर्फ कुछ दिन बाकी हैं । ऐसे में हम लोग अब पूरा ध्यान इबादत में गुजारें। इस आखिरी असरे में अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगे। रो-रो के अपने लिए कौम ऐ मिल्लत के लिए मुल्क में अमन व अमान के लिए पाबंदी ए वक्त से पांच वक्त की नमाज पढ़े। अल्लाह की रस्सी को मजबूती से पकड़े और अपने मुल्क में भाईचारा कायम करें।
जौनपुर। रमजान की बीस तारीख बीतने के बाद अब ईद की तैयारी भी शुरू हो गई है। ईद की खरीददारी को लेकर बाजार गुलजार हो गए हैं। दिन में तो दुकानों पर कम भीड़ दिख रही पर शाम को इफ्तार के बाद बाजार भीड़ से पट जा रहे हैं। खास तौर से सेंवई, खजूर, कपड़े, जूता-चप्पल, ज्वेलरी की दुकानों पर भी खरीददारों की भीड़ जुट रही है। लोग परिवार के बच्चों व महिलाओं के साथ खरीददारी के लिए निकल रहे हैं।
शहर के हरलालका रोड, नवाब यूसुफ रोड, शाही अटाला मस्जिद, सब्जी मंडी , कशेरी बाजार, पालिटेक्निक आदि प्रमुख इलाकों में शाम को इफ्तार के बाद खरीददारों की भीड़ लगी रही। लोग परिवार के साथ बच्चों के साथ ईद की खरीदारी करने निकल रहे हैं। महंगाई का असर रोजेदारों और ईद की खरीदारी पर पड़ता नहीं दिख रहा। रोजा खोलने व सहरी के सामान भी लोग खरीद रहे हैं। खजूर, सेंवई और अन्य व्यंजन के लिए सामान की खरीदारी हो रही है। ग्रामीण इलाकों में भी ईद की तैयारी शुरू हो गई है।