जौनपुर। सरपतहां में पांच वर्ष पूर्व वैवाहिक समारोह में आए तत्कालीन मंत्री शिवपाल यादव के फ्लीट की एंबुलेंस की टक्कर से कार चालक की हुई मौत के मामले में जिला जज ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ बारह लाख रुपये का आरसी जारी किया है। जिलाधिकारी को धनराशि वसूल कर कोर्ट में जमा करने का आदेश दिया है। धनराशि मृतक के आश्रितों को बतौर क्षतिपूर्ति अदा की जाएगी। दो जून 2013 को सरपतहा में वैवाहिक समारोह में भाग लेने के लिए तत्कालीन मंत्री शिवपाल यादव आए थे। उनके साथ डॉक्टरों की टीम एंबुलेंस से कार्यक्रम स्थल पर जा रही थी। महुआतर गांव के पास एंबुलेंस की टक्कर से कार चालक घनश्याम विश्वकर्मा निवासी कटघर की मौके पर मौत हो गई। भीड़ ने चक्का जाम किया तो पुलिस ने बल प्रयोग किया। एंबुलेंस की लापरवाही दिखाते हुए वादी अच्छेलाल ने एवं कार की लापरवाही दिखाते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने प्राथमिकी दर्ज कराया। सत्ता की हनक में पुलिस ने एंबुलेंस को क्लीन चिट देते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी। मृतक घनश्याम की पत्नी नीलू व अन्य परिजनों ने सीएमएस, एंबुलेंस चालक आदि के खिलाफ अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव के माध्यम से क्षतिपूर्ति का वाद कोर्ट में दाखिल किया था। घटनास्थल से चंद कदम दूर रहने वाले जिस गवाह के बयान के आधार पर पुलिस ने एंबुलेंस को क्लीनचिट दिया, उसी ने कोर्ट में बयान दिया की दुर्घटना में सारी गलती एंबुलेंस चालक की थी और पुलिस ने कभी बयान ही नहीं लिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद मृतक के परिजनों को क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश सीएमएस को दिया। सीएमएस ने आदेश का पालन नहीं किया जिस पर कोर्ट द्वारा आरसी जारी किया है।