सुजानगंज। जिले में बढ़ने वाले अपराधों में सबसे ज्यादा आपसी झगड़े व पारिवारिक मामले होते हैं। जिससे व्यक्तियों का धन व समय दोनों बर्बाद होता है। अच्छा यही होता है की आपसी मामलों को सुलह समझौते से निबटाया जाए। छोटेे-छोटे झगड़ों के लिए न्यायालय नहीं जाना चाहिए। इस तरह के विवाद आपसी समझौते से ही सुलझाने की कोशिश किया जाए। उक्त बातें जनपद न्यायाधीश ओम प्रकाश त्रिपाठी ने रविवार को सर्वेमऊ गांव में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित जागरूकता अभियान में कहीं।
उन्होंने कहा कि जिले में मुकदमों की संख्या इतनी अधिक है कि निर्णय आने में तीस साल तक इंतजार करना पड़ता है, जो परिवार मुकदमा लड़ता है। उस परिवार का विकास रुक जाता है और शिक्षा भी बाधित हो जाती है। इसलिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन किया गया है। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने जिला विधिक प्राधिकरण का सहयोग करने पर जोर दिया। कहा कि ज्यादातर लोगों को इस कानून के बारे में बताया जाए और उनको जागरूक किया जाए। यह जरुरी नहीं है कि सिर्फ जिनका मामला है। वही कानून के बारे में जानें। बल्कि यह जागरूकता सभी के लिए जरूरी है। छोटे-छोटे विवादों को विधिक प्राधिकरण द्वारा ही निबटाएं।
इस प्राधिकरण द्वारा नि:शुल्क में मामलों का निस्तारण किया जाता है। वकीलों की एक टीम बैठती है, जो आपके विवादों को सुलह समझौतों के माध्यम से निबटाने का कार्य करेंगे। जिला कोऑर्डिनेटर महिला समाख्या रजनी सिंह ने महिलाओं व बच्चों के अधिकार और कर्तव्य के बारे में बताया। संचालन करते हुए जिला सचिव लोकेश वरुण ने लोगों को अधिक से अधिक इस कानून के बारे में जानने की अपील की। इसके पूर्व क्षेत्र में उत्कृष्ट नंबर पाने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही 500 कंबल व 200 साल भी वितरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसीलदार मछलीशहर केके मिश्रा ने किया। इस कार्यक्रम में एडीम ,एडीजे, बाल संरक्षण अधिकारी चंदन राय, आशीष शुक्ल, जगदीश शुक्ल, राकेश शुक्ल आदि उपस्थित रहे।