मीरगंज। जंघई से प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच इलेक्ट्रिक रेल लाइन का काम पूरा हो चुका है। रविवार को दोनों स्टेशनों के बीच इलेक्ट्रिक ट्रायल ट्रेन दौड़ाई गई। संभावना जताई जा रही है कि ट्रायल ट्रेन के बाद 26 दिसंबर को सीआरएस निरीक्षण भी हो सकता है। सीआरएस से हरी झंडी मिलने के बाद जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन भी जल्द शुरू हो जाएगा।
रविवार को जंघई से प्रतापगढ़ के बीच इलेक्ट्रिक ट्रायल ट्रेन का संचालन किया गया। रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों की मौजूदगी में जंघई से प्रतापगढ़ के बीच ट्रायल ट्रेन चलाई गई। रेलवे लाइन पर ट्रायल ट्रेन चलने से यह माना जा रहा है की जनवरी माह तक इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलनी शुरू हो जाएगी। जिससे वाराणसी, प्रतापगढ़ से लखनऊ के बीच यात्रा करने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। आरबीएनएल के मैनेजर जेएन मिश्रा ने बताया कि ट्रायल ट्रेन प्रतापगढ़ तक चलाकर कमियां की जांच की गई। दो दिन बाद गौरीगंज तक ट्रायल किया जाएगा। 26 दिसंबर को सीआरएस की संभावना है। इस मौके पर मुख्य रेल परियोजना अधिकारी संजीव सहगल भी मौजूद थे।
वाराणसी-प्रतापगढ़ रेल प्रखंड पर स्थित जंघई रेलवे स्टेशन से प्रतापगढ़, गौरीगंज, अमेठी होते हुए उतरेटिया स्टेशन के बीच इलेक्ट्रिक लाईन बिछाने का काम दो साल पहले शुरू हुआ था। लगभग तीन सौ करोड़ के बजट से रेल विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से केईसी कंपनी द्वारा काम हो रहा था। जिसमें दो फेज बनाए गए थे। पहला फेज जंघई से गौरीगंज तक और दूसरा फेज गौरीगंज से उतरेटिया स्टेशन तक बनाया गया था।