जलालपुर। श्री रामचरितमानस दर्पण की तरह पवित्र ग्रंथ है। मनुष्य को अपने कार्यों को इससे तुलना करना चाहिए ताकि जीवन भटकाव के रास्ते पर ना जा सके। उक्त प्रवचन मानस मर्मज्ञ पं. शिव कुमार शास्त्री ने दिए। वह क्षेत्र के कुटीर संस्थान चक्के गांव में शुक्रवार को मानस कथा कह रहे थे। पं. प्रमोद कुमार शास्त्री ने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराते हुए कहा कि भागवत के संवाद एवं श्रवण से जीवन की सारी व्यथा मिट जाती है।
शुक्रवार को श्रीमद्भागवत कथा एवं रामचरितमानस कथा का शुभारंभ हुआ। अयोध्या से पधारे मानस मर्मज्ञ व भागवताचार्य ने प्रवचन दिया। इस अवसर पर अजय दुबे, श्री कृष्ण प्रताप दुबे, कृष्ण लला दुबे, ब्रह्मदेव दुबे, हरी नाथ तिवारी, अभिषेक दुबे, अभिराम दुबे, कुवरभारत सिंह उपस्थित रहे।