केराकत। कुसरना गांव के पास बुधवार को सड़क हादसे में मृत सुरहुरपुर गांव निवासी अनिता देवी ने हादसे से कुछ देर पहले ही फोन पर अपनी भाभी से कहा था कि अब वह लौटकर मायके कभी नहीं आएगी। फोन पर यह बात उसने अपनी भाभी से भले ही मजाक में ही कहा था पर अनिता की इस बात को कहकर उसकी भाभी, बहन, भाई सभी रोने लगते हैं। अनिता हादसे से एक दिन पहले वाराणसी में सीटेट की परीक्षा देकर लौट रही थी। वह रास्ते में अपने मायके लहरचक में रुक गई। दूसरे दिन बुधवार को वह अपनी ससुराल सुरहुरपुर जाने से पहले गांव में छोटे बड़े सबसे एक,-एक करके मिली। सबका आशीर्वाद लेने के बाद जब अपने ससुराल आने के लिए आटो पर बैठना चाही तभी अनीता का चचेरा भाई अपनी बहन को बाइक पर बैठाकर पहुंच गया। उन दोनों को भी केरात जाना था। चचेरे भाई मिथिलेश ने अनिता से कहा कि आओ बाइक पर बैठ जाओ घर तक छोड़ देंगे। भाई के साथ बाइक पर बैठी अनीता की चचेरी बहन ममता ने भी बाइक से चलने की जिद करने लगी। लेकिन अनीता ने कहा कि वह आटो से ही जाएगी। अनिता जब आटो में बैठ गई तो ममता ने उसे अपनी तीन वर्ष की बेटी परी को भी साथ में बैठाने को कहा। जिसपर अनीता ने मना करते हुए कहा कि वह अकेले आटो से जाएगी। अनिता की भाभी सरोजा देवी ने बताया कि अनिता को आटो में बैठकर वह घर आई तो उसे फोन किया। फोन पर बातचीत के दौरान ही पूछा कि अनिता फिर कब आओगी तो उसने कहा अब कभी नहीं आऊंगी। इस बातचीक के करीब आधे घंटे बाद ही हादसे की मनहूस खबर आई। गुरुवार को अनीता के घर सुरहुरपुर आई उसकी भाभी सरोजा देवी, भाई और बहन यही बात कहकर रो रहे थे। अनिता का पति राज बहादुर राम मुम्बई में राजगीर का काम करता है। पत्नी की मौत की सूचना मिलते ही वह घर के लिए चल दिया है। हादसे के शिकार अन्य लोगों के घरों में भी मातम छाया हुआ है।