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बेटियों में संघर्ष की है अधिक क्षमता

Fri, 14 Dec 2018 12:11 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जौनपुर
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 डा. अख्तर हसन रिजवी शिया डिग्री कालेज में गुरुवार को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स की ओर से आयोजित महिला सजगता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कालेज के प्राचार्य डा. सादिक रिजवी ने कहा कि बेटियां कमजोर नहीं है। उनमें बेटों की तुलना में संघर्ष की अधिक क्षमता है। बेटियों ने हर क्षेत्र में बेहतर मुकाम हासिल कर इसे साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला शिक्षित होती है तो पूरा परिवार और कई पीढ़ियां शिक्षित होती है।
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परिवार और समाज में बदलाव आता है। इस दौरान 200 छात्राओं ने शपथ भरकर अपराजिता बनने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में डा. तस्नीम फातिमा ने कहा कि बालिकाओं को शिक्षित करना होगा। उनमें नैतिक संस्कार की कमी दिखाई पड़ रही है। ऐसे में उन्हें नैतिक संस्कार की शिक्षा भी दी जानी चाहिए। अभिभावकों को बेटियों के प्रति अपनी नजरिया बदलना होगा। अब बेटियां समाज में हर चुनौतियों का मुकाबला करने में सक्षम हो गई हैं।

डा अर्चना सिंह ने कहा कि बेटियां बेहतर कर सकती हैं। उन्हें सशक्त बनाने के लिए उनमें विश्वास जगाना होगा। लड़की होने का मतलब यह कत्तई नहीं कि आप किसी से डरें। खुद को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पढ़ाई के साथ ही साथ गलत के खिलाफ लड़ाई लड़े। बेटियों को डरने की जरूरत नहीं है। बेटियों को अपने कैरियर की भी चिंता करनी चाहिए। अब्बास रिजवी ने कहा कि महिलाएं में सशक्तीकरण का मार्ग प्रशस्त हो, इसके लिए बदलाव लाया जाना चाहिए। इस मौके पर डा. एलपी मौर्या, डा. संजय कुमार सिंह, डा. अवधेश कुमार, डा. विनोदचंद्र द्विवेदी, प्रियांशी गुप्ता, संगीता मौर्या, मरिया फातिमा, प्रगति गुप्ता, दिव्यांशी मौर्या, प्रज्ञा साहू, पत्रकार राज सैनी, जरगाम आदि मौजूद रहे हैं।
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