जौनपुर। दो दिन बाद बैंक और सरकारी कार्यालय खुले तो शहर में सुबह से ही जाम की समस्या उत्पन्न हो गई। सड़कों पर अतिक्रमण, वाहन चालकों की मनमानी और यातायात पुलिस की लापरवाही से सुबह से दोपहर बाद तक चौतरफा जाम लगा रहा। सिपाह, नईगंज, कोतवाली, जेसीज, नईगंज समेत कई इलाकों में घंटों वाहनों की कतारें लगी रहीं। इसके चलते स्कूल, कॉलेजों के छात्र-छात्राओं से लेकर आम राहगीर तक हलाकान रहे। वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण सुबह 10 बजे के करीब कचहरी रोड़, नईगंज और सिपाह में जाम लगने लगा। धीरे-धीरे करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। इसमें बाइक और कार सवार के अलावा, आटो और स्कूली बसें भी फंसी रहीं। दो घंटे तक जाम में जूझने के बाद करीब 12 बजे यातायात बहाल हो पाया। वहीं, एक बजे के बाद स्कूलों में छुट्टी होते ही सद्भावना पुल से हचारसू चौराहे तक, हरलालका रोड़, कोतवाली चौराहा से सुतहट्टी और सुक्खीपुर तक जाम में लोग जूझते रहे। इसके अलावा जेसीज, ओलंदगंज, रूहट्टा, कोतवाली, लाइन बाजार, किला रोड़, अटाला मस्जिद, हिंदी भवन चौराहे का इलाका भी जाम से जकड़ा रहा। ढाई बजे तक इन इलाकों में राहगीर जाम से कराहते रहे। पूरा शहर जाम से परेशान रहा लेकिन कहीं पुलिस के अधिकारी सक्रिय नजर नहीं आए। राहगीर जाम से जूझ रहे थे तो पुलिस लाइन में आयोजित क्राइम मिटिंग में पुलिस अधीक्षक थानेदारों को अपराध पर अंकुश लगाने का पाठ पढ़ा रहा थे। पूरी बैठक में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कोई चर्चा नहीं हुई।