जौनपुर। दो करोड़ 32 लाख में 1156 प्वाइंट ऑफ सेल मशीनें उर्वरक वितरण के लिए लगाई गईं। मगर नेटवर्क की समस्या के चलते उनमें से 100 से अधिक मशीनों से खाद का वितरण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में किसानों को उर्वरक लेने में तो दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पनियों का 11 करोड़ की सब्सिडी रुकी पड़ी है। उर्वरक वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए इसके लिए सरकार ने ई-पॉस मशीन से खाद बेचने की व्यवस्था लागू की है। कृषि विभाग ने जिले में सभी 991 खाद व्यवसायियों व 165 साधन सहकारी समितियों पर ई-पॉस मशीनें लगवाई हैं। साथ ही इस मशीन से ही उर्वरक देने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान कुल 1156 मशीनें वितरित की गई हैं। इस समय 100 मशीनें काम नहीं कर रही हैं। इसमें 20 मशीनें निजी उर्वरक विक्रेताओं और 80 साधन सहकारी समितियों में लगाई गई है। थानागद्दी, आलमगंज, कोटवां, मीरगंज के व्यवसायी और साधान सहाकारी समिति आनापुर मझगवां, अहमदपुर, अइलियां,अमिहित, बीरीबारी, बहरी, बहरपुर, आशानंदपुर व वनवीरपुर मशीनों से खाद वितरण नहीं हो पा रहा है।किसानों को उर्वरक लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि किसान उर्वरक लेने के लिए दुकानों व साधन सहकारी समितियों का चक्कर लगाने को विवश हैं। जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार चौबे ने बताया कि जिले में ई-पास मशीन से उर्वरक किसानों को दिया जा रहा है, जहां नेटवर्क की समस्या है। मशीनों में वाईफाई की सुविधा है। व्यवसायी अपने मोबाइल से जोड़कर उन्हें चला सकते हैं। वैसे मशीनों को ठीक करने के लिए एक इंजीनियर जिले में तैनात है। ई-पास से खाद का वितरिण नहीं करने वालों के विरुद्घ सख्त कार्रवाई की जाएगी।