जौनपुर। लाइनबाजार थाना क्षेत्र के नेवादा गांव में छुट्टा पशुओं से आजिज आए ग्रामीणों ने रविवार को छुट्टा पशुओं को गांव के प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री में बंद कर दिया। यहां ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। योगी सरकार के फरमान के बाद सलाटर हाउस बंद होने से शहर से लेकर गांवो तक छुट्टा पशुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। ये छुट्टा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई कई की संख्या में छुट्टा पशुओं का झुंड इस समय चना, सरसों, मटर, आलू आदि की फसलों को नष्ट कर दे रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं। नेवादा के बाद अब अन्य गांव के किसान भी यही कदम उठा सकते हैं। लाइनबाजार थाना क्षेत्र के नेवादा गांव का प्राथमिक विद्यालय रविवार की शाम गौशाला में तब्दील हो गया। शासन की सख्ती के चलते मौजूदा समय में पशुओं को खरीदने और बेचने का धंधा ठप हो गया है। ऐसे में तमाम किसान चारा के संकट से निबटने के लिए अनउपयोगी पशुओं को खुला छोड़ दे रहे हैं। दिनों दिन छुट्टा पशुओं की संख्या बड़ती जा रही है। छुट्टा पशु किसानों की गाढ़ी कमाई को बर्बाद कर रहे हैं। खेतों में खड़ी फसल को चर जा रहे हैं। कई इलाकों में तो किसान खाद और बीज का भी दाम नहीं निकाल पा रहे हैं। बक्शा, सिरकारा, मछलीशहर, बदलापुर, खुटहन , शाहगंज, केराकत आदि इलाकों में किसान खेतों में माचा डालकर रात को भी फसलों की रखवाली कर रहे हैं। छुट्टा पशुओं से फसल बचाने के लिए कई स्थानों पर किसानों ने अपने खेतों में भी बल्व लगा रखा है। किसानों का कहना है कि अगर सरकार ने कोई ठोस उपाय नहीं किए तो आने वले समय में भुखमरी फैल जाएगी। नेवादा गांव में ग्रामीणों ने खेतों में छुट्टा घूम रहे करीब 15 पशुओं को रविवार को एक जगह किया फिर सभी को गांव के प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री में कर के ताला लगा दिया। किसानों ने चेतानी दी है कि वे सुबह स्कूल खुलने पर भी पशुओं को बाउंड्री से बाहर नहीं निकलने देंगे। गांव के प्रधान आलोक सिंह और किसान आनंद सिंह ने कहा है कि इसकी शिकायत जिला प्रशासन और नगरपालिका प्रशासन से भी की गई थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। सोमवार तक इन छुट्टा पशुओं का कोई इंतजाम नहीं किया गया तो इन्हें जिलाधिकारी कार्यालय पर छोड़ दिया जाएगा।