बरसठी। विकास खंड में स्थित 80 कोटेदारों को राशन वितरण के लिए मिली ई-पास मशीन ग्रामीणों के लिए निरर्थक साबित हो रही हैं। कोटेदार ग्रामीणों को राशन तो दे नहीं पा रहा है उधर ग्रामीण दौड़ दौड़कर परेशान हो रहे हैं। राशन समय से वितरण कराने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने 80 ई-पास मशीन दिया है। यह मशीन इंटरनेट से चलती है। इसके लिए दो कंपनियों का सिम लगाया गया है। अकसर किसी भी ई-पास मशीन का नेटवर्क नहीं काम करता है। जिसके कारण कोटेदार मशीन को चलाने के लिए दूसरे मोबाइल के वाई-फाई से कनेक्ट कर राशनकार्ड धारकों के अंगूठे का ई-पास कराता है। पर नेटवर्क की खराबी के कारण कार्ड धारकों का अंगूठा अधिकतर ई-पास पर नहीं हो पाता और कार्डधारक कई दिनों तक कोटेदार के पास चक्कर काटता रहता है। राशन देने का रोटेशन समय सीमा खत्म होने पर इस माह कई कार्डधारकों को राशन ही नहीं मिला। मनापुर के कोटेदार ने बताया कि इस माह केवल 35 लोगों का ही अंगूठा ई-पास मशीन ने लिया। जिसके राशन कार्ड धारकों को राशन नहीं दिया जा सका। इस संबंध में रामनगर के सप्लाई इंस्पेक्टर पंकज सिंह ने बताया कि यह मशीन शासन की तरफ से बिल्कुल मुफ्त है। हालांकि मशीन खराबी के अलावा अगर मशीन टूटती फूटती है तो कोटेदार को ही उसका खर्च देना पड़ेगा।