जौनपुर। चंदवक थाना क्षेत्र के कनौरा गांव में विवाहिता की जलाकर हत्या करने वाले ननद, नंदोई व उनकी पुत्री को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम महेंद्र सिंह ने गुरुवार को खुले न्यायालय में दोषी करार देते हुए सात वर्ष कारावास और छह हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में आशा देवी निवासी राज कॉलोनी, लाइन बाजार ने मुकदमा दर्ज कराया था। अभियोजन कथानक के अनुसार वादिनी आशा देवी ने अपनी पुत्री प्रतीक्षा की शादी हरिकिशन निवासी ग्राम कनौरा के साथ किया था। विवाह के बाद ननद कुसुम, नंदोई बृजभान व उनकी पुत्री प्रेमशीला निवासी गाजीपुर, जो हरकिशन के ही घर में रहते थे, दहेज में बाइक की मांग को लेकर प्रतीक्षा को प्रताड़ित करते थे। मांग पूरी न होने पर आठ जून 2013 तीनों ने मिट्टी का तेल छिड़ककर उसे जला दिया। प्रतीक्षा को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां दौरान इलाज उसकी मृत्यु हो गई। उसने मृत्यु पूर्व बयान में घटना की पुष्टि किया। पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया।एडीजीसी सतीश पांडेय ने अभियोजन की ओर से पैरवी की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।