बक्शा। नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से नाराज किसानों ने सूखी नहर में खड़े होकर आक्रोश जताया। किसानों ने कहा कि नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से खेती का काम प्रभावित हो रहा है। गेहूं की बुआई को लेकर किसान निजी संसाधनों का सहारा लेने को विवश हैं। जिनके पास सिंचाई को कोई साधन नहीं है। वह नहर में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र के सुल्तानपुर, दरियावगंज, मई आदि गांवों के किसानों ने मंगलवार को सूखे नहर में खड़े होकर पानी नहीं छोड़े जाने पर रोष जताया। गोमती नदी से निकली विशुनपुर पंप नहर में पानी न छोड़े जाने से आक्रोशित किसानों ने कहा कि पानी नहीं मिलने से खेती चौपट हो रही है। कैनाल पूरी तरह खर-पतवार व उगे घास-फूस से पटी पड़ी है। इसके पूर्व नहर की सफाई पिछले वर्ष ग्राम प्रधानों द्वारा धन आते ही करवा दिया गया था। सुल्तानपुर गांव की प्रधान सावित्री देवी के पति मानिकचंद दूबे ने बताया कि नहर की सफाई का आदेश मिला था। परन्तु जब सफाई करवाने का समय आया तो प्रधानों को जिम्मेदारी से हटा दिया गया। बताया गया कि अब कोई और विभाग कराएगा। इससे नाराज ग्रामीणों ने नहर की सफाई कराने और पानी छोड़े जाने की मांग की। किसान अब इसकी शिकायत मुख्यमंत्री व संबंधित विभाग के मंत्री से करेंगे। इस दौरान किसान वशिष्ठ नारायण दूबे, जितेन्द्र कुमार दूबे, जोखन शर्मा, पद्माकर दुबे राजेश दूबे, रामभुवन यादव, विजय शंकर, विशाल, कृष्ण कुमार, महेंद्र दूबे, बचई शर्मा, प्रमोद गौड़, राम आसरे, नीलेश आदि मौजूद थे।