सिकरारा। बीआरसी पर रविवार को जानलेवा बीमारी मिजिल्स (खसरा) रूबेला से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान संगोष्ठी आयोजित किया गया। जिसमें विकास खंड के सरकारी व मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने प्रतिभाग किया।
संगोष्ठी सीएचसी प्रभारी डॉ. श्यामधर वर्मा ने कहा कि मिजिल्स(खसरा) रूबेला से बचाव के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देश पर 26 नवंबर से 30 दिसंबर तक 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को टीका लगाया जाएगा। 18 लाख बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित है। दो सप्ताह तक स्कूलों में, एक सप्ताह घर-घर जाकर तथा एक सप्ताह औचक जांच कर टीका लगाया जाएगा। ब्लाक में सीएचसी चांदपुर, बांकी, पीएचसी मुख्यालय तथा प्राथमिक विद्यालय टिकरी पर चार केंद्र बनाए गए हैं। कार्य क्रम के नोडल बीइओ राजीव यादव की तरफ से नामित संकुल प्रभारी तथा डायट के मास्टर ट्रेनर सुनील सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर स्कूलों से जागरूकता रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रभात फेरी के जरिए अभियान को सफल बनाने का कार्य शिक्षकों को सौंपा है। जिन बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है, उन्हें भी शामिल किया जाना है। यदि टीकाकरण के बाद किसी बच्चे को बेचैनी या जी मिचलाने की समस्या होती है तो तत्काल एएनएम सेंटर पर संपर्क करें। कार्यक्रम में डॉ जितेंद्र यादव, डॉ. वीबी सिंह, डॉ. संतोष सिंह, चन्द्र प्रकाश उपाध्याय, सुभाष चंद्र मिश्र, सुरेन्द्र कुमार उपाध्याय, राधेश्याम यादव ,वीरेंद्र विक्रम प्रताप सिंह आदि रहे।
रूबेला अभियान में अभिभावकों को भेजेंगे निमंत्रण
मछलीशहर। खसरा और रूबेला से बचाव के लिए जागरूकता के लिए चलाए जा रहे टीकाकरणर अभियान में सहयोग के लिए अभिभावकों को निमंत्रण भेजा जाएगा। उनके सहयोग से अभियान के बारे में हर घर तक जानकारी पहुंचाने के लिए योजना बनेगी। टीकाकरण कार्ड पर अभिभावकों का हस्ताक्षर भी कराया जाएगा। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रफीक फारूकी ने बीआरसी पर नोडल शिक्षकों की प्रशिक्षण बैठक के दौरान रविवार को बताया कि खसरा एक जानलेवा रोग है। जो कि वायरस द्वारा फैलता है। बच्चों में खसरा के कारण विकलांगता असमय मृत्यु भी हो सकती है। इसलिए रूबेला एक संक्रामक रोग के रूप में प्रभावित ना करें सभी बच्चों को जो 9 माह से 15 वर्ष तक की आयु के बच्चों को टीकाकरण अवश्य कराएं। यदि कोई महिला गर्भावस्था के शुरुआती चरण से संक्रमित हो जाए तो उसे कंजेनिटल रूबेला सिंड्रोम हो सकता है। जो भ्रूण और नवजात शिशु के लिए घातक हो सकता है। इसलिए बच्चों को टीका जरूर लगवाएं। सभी अभिभावकों को आमंत्रण करके उनसे टीकाकरण कार्ड पर हस्ताक्षर करवाए। सभी स्कूलों सामुदायिक सत्रों, आंगनबाड़ी केंद्र, और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए जाएंगे। कार्यक्रम में डॉ. संतोष तिवारी, शिवाकांत तिवारी, शिक्षक संघ के अध्यक्ष रविन्द्र बहादुर सिंह, रोहित यादव, अखंड सिंह, शिव प्रसाद ललित, अभिषेक सिंह, मोहम्मद इलियास, मो. बैश आदि उपस्थित रहे।