सिरकोनी। सरकार नदियों की सफाई के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है। लेकिन कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के चलते नदियों को प्रदूषित करने से कोई गुरेज नहीं कर रहे हैं। उन्हें शासन प्रशासन का तनिक भी भय नहीं लगता है। जफराबाद थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव निवासी लगभग दर्जनों ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गांव के ही कुछ लोगों पर गोमती नदी को प्रदूषित करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ही कुछ मछुआरे नदी में शंकर जी के मंदिर के बगल खूंटा गाड़ करके उसमें तमाम पेड़ों की हरी डालियां पत्तियां खूटे से बाध देते हैं। जिससे वह सब सड़कर बज बजाने लगता है। तब वहां मछलियां आती है और लोग मछलियों का शिकार करते हैं। वहां मरे हुए जानवरों के साथ और तमाम कचरा आकर फंस जाता हैं। जिसे अगल-बगल का वातावरण प्रदूषित हो जाता है। मंदिर में पूजा पाठ करने आने वाले ग्रामीणों को दुर्गंधो का सामना करना पड़ता है। जिससे भयंकर बीमारियों फैलने का भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है मना करने पर यह मछुआरे मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से गुहार लगाई है की तत्काल इस बंधे को हटवाया जाए। प्रार्थना पत्र देने वालों में पूर्व प्रधान प्रदीप कुमार चौहान ,दीपक, निर्भय सिंह, नवल धारी, विमलेश, शैलेंद्र ,ओम प्रकाश सिंह ,कमलेश ,सुजीत, धर्मेंद्र ,शिव पूजन ,दिनेश आदि उपस्थित रहे।