फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुण्य फलदायी है प्रबोधिनी एकादशी व्रत

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
मछलीशहर। हरि प्रबोधिनी एकादशी 19 नवंबर को है। भगवान विष्णु योग निद्रा से जागेंगे। इसके साथ ही मांगलिक कार्यों के शुभारंभ हो जाएगा। इसी दिन तुलसी का विवाह सालिग्राम से कराया जाएगा।
प. मुरारी श्याम पांडेय ने बताया कि भगवान के जागरण पर श्री चरण बनाकर उसकी पूजा करनी चाहिए। केसर का तिलक एवं इत्र लगाना चाहिए। शंख से अभिषेक करना फलदायी होता है। गन्ने का मंडप बनाकर पूजा करनी चाहिए। इसी दिन गन्ने और नए गुड़ का सेवन शुरीू किया जाता है। डा. शैलेश मोदनवाल के अनुसार शास्त्रों में इस दिन उपवास करके रात में सोये हुये भगवान को गीत आदि मांगलिक उत्सवों के द्वारा जगाने का विधान है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डा. टीपी त्रिपाठी के अनुसार शास्त्रों में कार्तिक शुक्ला एकादशी के दिन लोग तुलसी विवाह होता है। तुलसी जी के गमले को गेरू आदि से रंगकर चारों ओर ईख का मंडप बनाकर सालिग्राम से विवाह करा जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें