थानागद्दी। संयुक्त साधन सहकारी कर्मचारी समन्वय समिति के आह्वान पर तीन सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल के चलते केराकत क्षेत्र के सभी सहकारी समितियों में ताले जड़े है। समितियों से खाद बीज की आपूर्ति नहीं होने से किसानों की चिंताएं बढ़ती जा रही है। रबी की फसलों की बुआई समय से नहीं होता देख किसानों की समस्याएं गहराती जा रही है। आलू, सरसों, चना, मटर की बुआई में दुकानदारों से अधिक मूल्य पर उर्बरक एवं बीज लेने को मजबूर किसानों की एक तरफ जेबें खाली हो रही है तो दूसरी तरफ गुणवत्ता विहीन सामान मिल रहा है। किसान खेतों में पलेवा तो दे रहे है पर खाद व बीज की आस में रोज समितियों का चक्कर काट रहे है। हड़ताल के चलते समय से खाद बीज मिलने के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। क्योंकि समिति के कर्मचारी भी अपनी मांगों के लिए अड़े हुए है। हड़ताल से केराकत क्षेत्र के भैंसा उमरवार, रतनूपुर, थानागद्दी, मई, सरौनी, नरहन, भैरोभानपुर और उसरपुर सहित सभी 9 साधन सहकारी समितिया पिछले एक नवंबर से बंद है। धान क्रय केंद्र भी बन्द हैं। जिसके चलते किसान अपना धान भी नहीं बेच पा रहे है। और न ही खाद बीज ही खरीद पा रहे है। मजबूरन किसानों को दुकानदारों की शरण में जाना पड़ रहा है। दोहरी मार झेल रहे किसानो से दुकानदार सौ-सौ रुपये अधिक लेकर खाद बीज दे रहे है। वही धान की खरीद बिचौलियों के माध्यम से सरकारी दर से पांच छ: सौ रूपये कम में बेचना पड़ रहा है। साधन सहकारी समिति उमरवार व रतनूपुर के सचिव अच्छेलाल यादव ने बताया कि जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं मानती है तब तक हड़ताल जारी रहेगी।