जौनपुर। लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती समाजवादी पार्टी कार्यालय पर जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव की अध्यक्षता में मनाई गई।
मुख्य अतिथि शाहगंज के विधायक शैलेन्द्र यादव ललई ने कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता के सूत्राधार थे। 200 वर्षों की गुलामी में फंसे देश के विभिन्न रियासतों बंटे लोगों को एक करने में उन्होंने केंद्रीय भूमिका निभाई थी। यह सरदार पटेल की सबसे बड़ी ख्याति है। जिला पंचायत अध्यक्ष राज बहादुर यादव ने कहा कि सरदार पटेल एक कृषक परिवार के थे। देश की आजीदी में उनके उनके संघर्षों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। समारोह को सपा के जिलाध्यक्ष लाल बहादुर यादव ने भी संबोधित किया। संचालन जिला महासचिव हिसामुद्दीन शाह ने किया। इस मौके पर विरेन्द्र सिंह, राजन यादव, जिला प्रवक्ता राहुल त्रिपाठी, डा. ईश्वर लाल यादव, श्याम नारायण बिंद, सोचन राम विश्वकर्मा, पूनम मौर्या ने भी विचार व्यक्त किया। इस मौके पर डा. लक्ष्मीकांत यादव, अलमास सिद्दकी, राकेश यादव, विकास यादव, डा. समीम, अमित यादव, पंकज यादव, अनील यादव, आशीष, मोनू यादव, दीपक गोस्वामी आदि मौजूद थे।
राजा श्रीकृष्ण दत्त स्नात्कोत्तर महाविद्यालय में संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें प्राचार्य डा. विष्णुचंद्र त्रिपाठी ने कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता के सूत्राधार थे। गोष्ठी में मयानंद उपाध्याय, डा. विजय प्रताप तिवारी, डा. मनज तिवारी, डा. बोलोकजा कृष्ण द्विवेदी, सुधाकर मौर्य, परमजीत विश्वकर्मा, सुधाकर शुक्ला, संतोष पांडेय, डा. रागिनी राय मौजूद थी। नेहरू युवा केंद्र ने भी जयंती मनाई। इस अवसर पर सुरेंद्र बहादुर सिंह, आशीष सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए। तिलकधारी महिला महाविद्यालय में भी सरदार पटेल की जंयंती पर समारोह का आयोजन किया। जिसमें डा. वंदना सिंह, डा. सालिनी सिंह, डा. पूनम सिंह आदि ने विचार रखा।
भाजपा से ठहा हुआ महसूस कर रही जनता
जौनपुर।समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता रतनसेन सिंह ने कहा कि भाजपा झूंठे वादों के सहारे सत्ता में आई थी। अब भाजपा का दोबारा सत्ता में आने का सपना किसी भी कीमत पर पूरा नहीं हो सकता। जनता अब उनके बहकावे में आनेवाली नहीं है। पार्टी का प्रवक्ता बनाए जाने के बाद बुधवार को पहली बार जिले में पहुंचे रतनसेन सिंह पार्टी के जिला कार्यालय पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के क्रिया कलापों से छात्र, नौजवान, बेरोजगार, किसावन, व्यापारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। अब लोगों को 2019 के चुनाव का बेसब्री से इंतजार है। एक सवाल के जवाब मे ंउन्होंने कहा कि गठबंधन के मसले पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव स्पष्ट तौर पर कह चुके हैं कि साम्प्रदायिक शक्तियों को सत्ता में आने से रोकने के लिए वह कोई भी संभव कदम उठाने से पीछे नहीं हटने वाले हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण भाजपा हरगिज नहीं कराना चाहती। इस मसले को वह चुनावी मुद्दे के रूप में जिंदा रखना चाहती है।