करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय के प्रबन्ध अध्ययन संकाय के सभागार में महार्षि बाल्मीकी जयन्ती का आयोजन किया गया। जिसमें छात्रों द्वारा भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के संयोजक अधिष्टाता छात्र कल्याण प्रो. अजय द्विवेदी ने कहा कि महार्षि बाल्मीकी के जीवन से हम सभी को यह सीख मिलती है कि किस तरह से विपरित परिस्थियों से खुद को एक चरित्रवान एवं ज्ञानी व्यक्ति बन सकता हैं। प्रो. विक्रम देव ने कहा कि मानव को अपने कर्तब्य का पालन करना चाहिए। जो व्यक्ति अपने कर्तब्य को भूल जाता है। वह विकास श्रेणी में नहीं आता प्रतियोगिता में निर्णयाक की भूमिका प्रो. रामनरायण, डा. मनीष कुमार गुप्ता, डा. ऋषिकेश, कमलेश मौर्या ने निभायी। कार्यक्रम में रोहित पाण्डेय, मो. मोजीज, शिवम्, जैनब, प्रियम्दा, साक्षी त्रिपाठी, लक्ष्मी मौर्या, अंकुर जायसवाल, सारिका श्रीवास्तव, जयप्रीत कौर, पूनम यादव, पंकज पाल, दुर्गेश, अनील सोनी, शिवानी पांडेय एवं निशांत ने विचार व्यक्त किया। संचालन प्रतिक कुमार सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन मो. अब्बू सलेह ने किया।