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सरकार की धमकी का डर नहीं, हड़ताल पर जाएंगे कर्मचारी

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जौनपुर। पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मचारियों पर सरकार की धमकी का कोई असर नहीं है। 25 अक्तूबर से 27 अक्तूबर हड़ताल पर जाने के अपने फैसले पर कर्मचारी अडिग हैं। जिले में विभिन्न विभागों के करीब 60 हजार से अधिक क र्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। सोमवार की शाम को जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने पुरानी पेंशन बहाली मंच के कर्मचारी नेताओं के साथ बैठक कर सरकार का वह फरमान सुनाया जिसमें कहा गया है कि अगर कर्मचारी हड़ताल पर गए तो उनका वेतन रोक दिया जाएगा। सरकार के इस फरमान के बाद भी कर्मचारियों हड़ताल का फैसंला नहीं बदला।
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पुरानी पेंशन बहाली मंच के जिला संयोजक एवं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना का मसला लाखों कर्मचारियों के हित से जुड़ा है। कर्मचारी संगठन इस मांगो पूरा करवाने के बाद ही दम लेगा। आंदोलन को सफल बनाने के लिए कर्मचरी बुधवार को भंडारी स्टेशन से बाइक जुलूस निकालेंगे। जुलूस के साथ सभी विभागों के कार्यालयों में जाकर कर्मचारियों से आंदोलन को सफल बनाने की अपील करेंगे। पुरानीपेंशन बहाली मंच के जिला अध्यक्ष अरविंद शुक्ल ने कहा कि बाइक जुलूस सुबह 11 बजे निकलेगा। जिसमें विभिन्न संगठनों के कर्मचारी नेता शामिल होगें। इसके लिए मंगलवार को भी जनजागरण अभियान चलाया गया। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव बीआरपी इंटर कालेज में बैठक कर आंदोलन को सफल बनाने की रणनीति तय की। माध्यमिक शिक्षक संघ के संयोजक सरोज सिंह की अध्यक्षता में सरस्वती बाल मंदिर इंटर कालेज में बैठक हुई। संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष रमेश सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए यह निर्णायक संघर्ष है। उधर ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष डा. प्रदीप सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन परिसर में हुई बैठक में आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया गया। कर्मचारी संगठनों ने कहा है कि सरकार की धमकी से वे डरने वाले नहीं हैं। उनकी मांग जायज है। पुरानी पेंशन योजना को बहाल करवाकर ही दम लेंगे।
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