बक्शा। क्षेत्र के भुतहा गांव में आयोजित आदर्श धर्म मण्डल रामलीला में शिव धनुष टूटते ही जय श्रीराम के जयकारे लगे। सोमवार की रात्रि रामलीला हिन्दू मुस्लिम भाई-चारा की प्रतीक रामलीला। भुतहा गांव मे सोमवार को आदर्श धर्म मण्डल रामलीला समिति के तत्वाधान में सीता स्वयंवर व परशुराम लक्ष्मण सवांद का भावपूर्ण मंचन किया गया। रामलीला का शुभारंभ उद्योगपति व समाजसेवी अखिलेश सिंह भुआल के बड़े भाई गुलाब सिंह दादा ने फीता काटकर किया। सीता स्वयंवर में जब राजागण धनुष को हिला न सके तो राजा जनक के मन मे बेटी विवाह को लेकर चिंता बढ़ गयी। हताश होकर उन्होंने कहा कि शायद जानकी का विवाह भाग्य में नही है। इस प्रकार उनके हताशा भरे वाक्य को सुनकर लक्ष्मण का क्षत्रिय पुरुषार्थ जागृत हो उठा। वह कुछ कहना चाहते थे लेकिन राम ने उन्हें बैठा दिया। विश्वामित्र ने राम को संकेत कर जनक का संताप दूर करने का आदेश देते है। राम शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने के लिए डोरी खीचते हैं तभी धनुष टूट जाता हैं। धनुष टूटते ही सीता जी राम के गले मे वरमाला डाल देती है। इस दौरान राम के जयकारे से पूरा वातावरण गुंजायमय हो जाता हैं। लक्ष्मण व परशुराम के संवाद देख दर्शक रोमांचित हो जाते हैं। राम का अभिनय नीरज सिंह, लक्ष्मण का वारीफ अली, सीता का हर्षित सिंह, जनक का दयाशंकर सिंह, परशुराम का अंकुर सिंह, विश्वामित्र का सुशील सिंह, धोधुआ राजा का मनोज श्रीवास्तव, घसीटू का सुनील सिंह,ताड़का का श्रीप्रकाश सिंह ने किया। इस मौके पर अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह मुन्ना, उपाध्यक्ष बाबादीन सिंह, डायरेक्टर विवेक सिंह,जंगबहादुर सिंह, सत्यम सिंह, मयंक बाबू, महामंत्री सुनील सिंह बीडीसी, मनोज श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश सिंह,बब्बू सिंह, सोनू सिंह, पंकज सिंह, सौरभ सिंह, कृष्ण,सूरज, डब्लू सिंह व आमी हसन उपस्थित रहे। आभार ग्राम प्रधान राजेश सिंह गुडडू ने जताया।