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चिकित्सा अधीक्षक ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगा दिया ताला

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बक्शा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र में ताला लगा दिया है । पीएचसी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों से सीएचसी पर ड्यूटी ली जा रही है। इससे आस पास के लोगों को परेशानी हो रही है।
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बक्शा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थाने के ठीक सामने स्थित है। इस स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण 1968 में हुआ था। करीब 83 ग्राम पंचायतों वाले इस विकास खंड में यह इकलौता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र था। यहीं से दो किलोमीटर दूर बेलापार गांव में बनकर तैयार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ अप्रैल महीने से हुई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात रहे चिकित्सा अधीक्षक एके सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का अधीक्षक बना दिया गया और उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी प्रभार दे दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किसी डाक्टर की तैनाती अभी तक नहीं की गई। यहां सिर्फ एक फार्मासिस्ट सीएल गौतम की तैनाती मौजूदा समय में है। पिछले सप्ताह से सीएल गौतम को भी सीएचसी पर बुला लिया गया जिससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लग गया। यही नहीं अस्पताल के बाहर लगी सोलर लाइट को भी यहां से उखाड़ कर सीएचसी पर रख दिया गया है। बक्शा के पूर्व ब्लाक प्रमुख जयप्रकाश सिंह राना का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक थाने के ठीक सामने है और इसी परिसर में ब्लाक कार्यालय भी है और बगल में हाईवे भी है। इससे इस अस्पताल तक पहुंचने में लोगों को आसानी होती है। लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ताला लगाकर ठीक नहीं किया गया है। इसे शीघ्र नहीं चालू किया गया तो आंदोलन होगा। मौजूदा ब्लाक प्रमुख सजल सिंह ने भी इसपर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इसकी शिकायत ऊपर तक के अधिकारियों से की जाएगी। बक्शा के प्रधान भारत यादव और स्थानीय गांव निवासी नन्हकू तिवारी का कहना है कि सीएचसी एक तो यहां से दो किलोमीटर दूर है दूसरे रात जिस स्थान पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया गया हैं वह वीरान में है। रात में कोई एमरजेंसी हुई ते वहां पहुंचने में परेशानी होगी। जबकि यहां थाने के सामने और हाईवे के के बगल में अस्पताल होने के चलते यहां पहुंचने में लोगों को काफी सुविधा होती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक एके सिंह का कहना है कि स्टाफ की कमी के चलते समस्या है। डाक्टर की तैनाती होने पर पीएचसी से स्वास्थ्य सेवा पहले की तरह ही मिलने लगेंगी।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को बंद करने का मामला संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। वैसे चिकित्सा अधीक्षक ने पीएचसी पर जगह न होने के के कारण सिर्फ यहां से कुछ सामान सीएचसी पर ले जाने की जानकारी दी थी।
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डा. रामजी पांडेय
सीएमओ जौनपुर
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