मछलीशहर। मुनि विश्वामित्र का यज्ञ अनुष्ठान जब राक्षसों ने भंग कर दिया तो वे चिंतित हो गए। उन्होंने राक्षसों से मुक्ति के लिए जब ध्यान किया तो उन्हें भगवान विष्णु के रुप में मर्यादा पुरुषोत्तम राम का धरती पर अवतार लेने की जानकारी प्राप्त हुई। इसके बाद वे राजा दशरथ के यहां पहुंचे। राम व लक्ष्मण को राक्षसों का वध करने के लिए अपने साथ ले जाने की मांग की। राम व लक्ष्मण ने मुनि के साथ पहुंचकर राक्षसों का बध किया। उक्त रामलीला का मंचन शनिवार की रात पुरानीबाजार व छाछो की रामलीला समिति के द्वारा किया गया।
अयोध्या के राजा दशरथ के यहां से राम व लक्ष्मण को लेकर जब मुनि अपने आश्रम के लिए चलते हैं तो रास्ते में तारक वन में ताड़का राक्षसी उन पर हमला करती है। चूंकि वह महिला थी। इसलिए मर्यादा पुरुषोत्तम राम उसका वध करने से पीछे हट रहे थे तो गुरु विश्वामित्र ने उन्हें आज्ञा दी और वध करवाया। इसी प्रकार यज्ञ के दौरान मारीच और सुबाहु ने उत्पात मचाया तो प्रभु राम ने मारीच को अपने से सौ योजन दूर फेंक दिया और सुबाहु का वध कर दिया। इस प्रकार भगवान ने उक्त कार्य के द्वारा धरती पर अपने आने का संकेत दिया। दर्शकों ने रामलीला का रातभर आनंद लिया।