जौनपुर। बैंक आफ बड़ौदा , देना व विजया बैंक के विलय के खिलाफ यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने मंगलवार को यूनियन बैंक के जेसीज चौराहा शाखा पर प्रदर्शन किया। इस दौरान बैंक आफ बड़ौदा , देना व विजया बैंक के विलय नहीं करने और ग्यारहवां द्विपक्षीय समझौता को शीघ्र लागू करने की मांग की। यूपी बैंक इंपलाइज बैंक के जिला मंत्री आरपी सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार एनपीए ऋण वसूली के लिए सख्त कानून बनाने के बजाय बैंक आफ बड़ौदा , देना व विजया बैंको के बोर्ड को बिलय करने की हरी झंडी दे दी है। इन बैंको का विलय एक आत्मघाती कदम है, जो देशहित में नहीं हैं। बैंकिंग सेवाओं का जो अनवरत सिलसिला शुरु हुआ है। वह राष्ट्रीयकरण की ही देन है। यदि यह सरकारी संरक्षण में बैंको की दुर्दशा और लूट -पाट का सिलसिलाचला तो लूटेरे बैंक लूट कर विदेश भाग गए और सरकार लाचारी दिखाकर हाथ खींच रही है। जिससे लगता है कि इन बैंको का विलय भी देशहित में न होकर कोर्ठ बहुत बड़ी चालाकी है। जिसका हर स्तर पर विरोध करने की आवश्यक्ता है। अध्यक्ष एसएन जायसवाल ने कहा कि सरकार बैंक कर्मियों को आपस में लड़ाने की नीति अपना रही है। एक तरफ सरकार जल्द से जल्द वेतन समझौते की बात करती है । वहीं दूसरी तरफ इंडियन बैंक एसोसिएशन को यह सरकार संकेत करती है। बैंक कर्मियों का समझौता परफारमेंस बेस पर होनी चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में आशीष श्रीवास्तव,अंकित सिंह,कृष्णा यादव,वीपी श्रीवास्तव, रमन सिंह, कमलेश मिश्रा आदि रहे।