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संकल्प लेना सरल लेकिन निभाना होता है कठिन: आचार्य शांतनु

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जौनपुर। कथा वाचक शांतनु महाराज ने कहा कि संकल्प लेना सरल होता है लेकिन निभाना कठिन है। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में श्रीराम कथा के छठवें दिन सोमवार भगवान राम के वन गमन की कथा सुनाई।
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उन्होंने कहा कि कैकई को दिए गए दशरथ के वचन के बाद राम चौदह वर्ष के वनवास की तैयारियों में लग गए। आयोध्यावासी दुखी हो गए। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण वन गमन के पूर्व जब अपनी पत्नी उर्मिला से मिलने गए तो उन्होंने लक्ष्मण से कहा कि, मैं इतनी धन्य हूं कि आपको भगवान राम की सेवा का अवसर मिला। मैं इसमें बाधा नहीं बनूंगी। क्योंकि धीरज, धर्म, मित्र अरु नारी आपद काल परखिए चारी कहावत के अनुसार पत्नियों का यह धर्म बनता है कि अपने पति को पतन से बचाए। यही भारतीय नारी का धर्म है। व्यास पीठ पूजन कुलपति प्रो. राजाराम यादव, डा. लालजी त्रिपाठी, प्रो. बीबी तिवारी ,प्रो. अजय द्विवेदी, डा. विजय कुमार सिंह, डा. विजय प्रताप तिवारी ,डा. अवध बिहारी सिंह , सुरेंद्र त्रिपाठी , निपेंद्र सिंह, डा. सुधीर उपाध्याय ,डा. सुधांशु शेखर, शील निधि सिंह, प्रदीप सिंह, अनिल सिंह छांगुर, राघवेंद्र सिंह ,भावना रघुवंशी, शालिनी उपाध्याय, तृप्ति श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम संचालन डा. मनोज मिश्र ने किया। इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य टीडी कॉलेज डा. अरूण कुमार सिंह ,प्रो. वंदना राय,प्रो वीडी शर्मा , प्रो. अविनाश पार्थीडकर ,प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. राम नारायण, डा. दिग्विजय सिंह राठौर आदि मौजूद रहे।
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